वन विभाग के चौकीदार की हत्या का मामला
सहसवान कोतवाली क्षेत्र के गांव सुक्खी की मढ़ैया में छह साल पहले हुई वन विभाग के चौकीदार की हत्या मामले में प्रथम अपर जिला जज ने हत्यारोपी को दोषी करार देते हुए उम्र कैद और जुर्माना की सजा सुनाई है।
कोतवाली सहसवान के गांव सुक्खी की मढ़ैया निवासी प्रताप सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका भाई रामपाल वन विभाग में चौकीदार था। रामपाल की तैनाती सुजावली स्थित वन विभाग की पौधशाला में थी। रामपाल के साथ प्रकाश और महेंद्र भी चौकीदार थे। रात में सभी पौधशाला की झोपड़ी में लेटे थे। चौकीदार प्रकाश ने नाजायज बंदूक से रामपाल को गोली मार दी। महेंद्र ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह भाग गया।
विद्वान न्यायाधीश नलिन कुमार श्रीवास्तव ने पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन और दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद प्रकाश को रामपाल की हत्या में दोषी करार देते हुए उम्र कैद और 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी अनिल कुमार सिंह ने की।
जानलेवा हमले में सगे भाइयों समेत तीन को कैद
बदायूं। वजीरगंज थाने के गांव करेंगे में 16 साल पहले हुए जानलेवा हमले के एक मामले में अपर जिला जज चतुर्थ ने दो सगे भाइयों समेत तीन लोगों को पांच-पांच साल कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
थाना वजीरगंज के गांव करेंगी निवासी सुनील कुमार सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका भाई संतोष कुमार सिंह 21 जनवरी 05 की शाम खेत से लौट रहा था। उसके साथ गांव के ही धर्मवीर और नैपाल सिंह भी थे। करेंगी स्टेशन के पश्चिमी रेलवे फाटक के पास सुरेंद्र सिंह भोजेंद्र सिंह पुत्रगण शिंभू सिंह, विजेंद्र सिंह पुत्र हाकिम सिंह और हरीराम पुत्र रघुवीर सरन ने उस पर रायफल और बंदूक से फायरिंग कर दी। इसमें उसका भाई संतोष गंभीर घायल हो गया।
विद्वान न्यायाधीश कपिला राघव ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। दोनों पक्षों के वकीलों को सुनने के बाद सगे भाइयों समेत तीन लोगों को कातिलाना हमले का दोषी करार देते हुए पांच-पांच साल कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी प्रेमबाबू ने की।