बस से बदायूं जा रही एक महिला के साथ कुछ मनचलों ने छेड़छाड़ की। महिला ने जब इसका विरोध किया तो उसे गालियां दी और मारा भी। महिला ने सिविल लाइंस पुलिस को जब आपबीती बताई तो उसने अलापुर थाने का मामला कहकर टरका दिया। बाद में महिला की तहरीर पर अलापुर थाने में चार लोगों को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज की गई। इधर घटना की जानकारी पर भाजपाई थाने पहुंचे और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी को दबाव बनाया।
गांव की एक महिला एक एनजीओ में काम करती है। उसने बताया सोमवार को वह अपने गांव से सखानूं तक तांगे से आई । सखानूं में बस स्टैंड पर खड़ी होकर बस का इंतजार करने लगी। इसी बीच उसके पास सखानूं निवासी अकरम पुत्र इकबाल, पप्पू पुत्र मोहम्मद रजा शेख, फैजान पुत्र रुलाम रजा शेख और असलम आकर खड़े हो गए और उससे अश्लील हरकतें और बातें करने लगे। इसी बीच बस आ गई और वह बस में चढ़ गई। बस में भीड़ अधिक होने के कारण वह अन्य सवारियों के पास जाकर खड़ी हो गई। वह चारो भी बस में चढ़ आए। जैसे ही बस सखानूं से बदायूं की ओर कुछ दूर बढ़ी। इन लोगों ने उसके शरीर को छुआ। उसने इसका विरोध किया, तो वह गालियां देने लगे। महिला का यह भी आरोप है कि उसे पीटा भी। कुछ युवकों ने उसे बचाने का प्रयास किया तो उन्हें धक्का देकर गिरा दिया गया। यह सब करने के बाद चारो बस रुकवाकर भाग निकले।
महिला ने बदायूं पहुंचकर सिविल लाइंस पुलिस को जब अपनी आपबीती बताई तो पुलिस ने सीमा विवाद के चलते महिला को वापस कर दिया। महिला ने एनजीओ के जिला प्रभारी को घटना बताई। प्रभारी उसे लेकर अलापुर थाने पहुंचे, तब कहीं जाकर पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने चारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। एसओ सीपी सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सूचना पर भाजपा की दीपमाला गोयल, अशोक भारती, शारदाकांत शर्मा उर्फ शीकू भी थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की मांग की। माहौल को देखते हुए एसडीएम और सीओ तो पहले ही थाने पर पहुंच गए थे। शाम को एसपी सिटी भी सखानूं पहुंचे और फोर्स भी बढ़ा दी गई।