नकली डीएपी में नहीं थी पर्याप्त नाइट्रोजन एवं फास्फोरस
पीसीएफ के गोदाम प्रभारी विजय पर कार्रवाई होना तय
बारिश, ओलावृष्टि, सूखा, आंधी और तूफान जैसी आपदाएं झेलने वाले किसान यदि प्राकृतिक आपदा से बच भी जाए, तो उन लोगों का नकली खाद और बीज माफिया नहीं बचने देंगे। बाजारों में बेची जा रही नकली डीएपी में इस खाद के मूल तत्व नाइट्रोजन और फास्फोरस ही नदारद थे, यह पुष्टि वजीरगंज में पकड़ी गई नकली डीएपी की जांच रिपोर्ट में हो गई है। नकली खाद के मेरठ स्थित कृषि विभाग की प्रयोगशाला में भेजे गए सेंपल फेल हो गए हैं। इसकी रिपोर्ट विभागीय अधिकारियों के पास आ गई है, जल्द ही दोषी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वजीरगंज कस्बे में 13 मई की रात को नकली खाद मिलने की सूचना पर यूपी कोऑपरेटिव फेडरेशन के गोदाम में छापा मारा था, जिसमें इफको की नकली डीएपी खाद के 380 कट्टे, डीएपी के 50 खाली पैकेट, 150 पैकेट सुपर खाद, इलेक्ट्रॉनिक धर्मकांटा और पैकेट सीज करने की मशीन मिली थी। इस मामले में पीसीएफ के भंडारण प्रभारी विजय सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। साथ ही दो सेंपल जांच के लिए भेजे गए थे। दोनों नमूनों की जांच मेरठ स्थित प्रयोगशाला से होकर आ गई है, जिसमें दोनों नमूनों को फेल करते हुए नाइट्रोजन और फास्फोरस की मात्रा न के बराबर मिली है। इससे किसानों के 1200 रुपये की डीएपी की बोरी खरीदकर डालने पर कोई खास फायदा नहीं होने वाला था। इस मामले में विजय सिंह के खिलाफ कार्रवाई होना लगभग तय माना जा रहा है।
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एसओ बोले, लैब रिपोर्ट नहीं मिल
बदायूं। जिला कृषि अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि छह जून को नमूनों की रिपोर्ट आ गई है, दोनों नमूने फेल हो गए हैं। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। वहीं मामले की जांच कर रहे वजीरगंज एसओ मेहराज अली ने बताया कि लैब की रिपोर्ट अभी तक मेरे पास नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद चार्जशीट लगाई जाएगी।