बुधवार तड़के बदमाशों ने दिल्ली से मूसाझाग जा रही प्राइवेट बस को वजीरगंज-कुंवरगांव लिंक रोड पर गांव बरौर के पास रोड पर पेड़ डालकर रोक लिया था। बदमाशों ने हथियारों की नोंक पर 30 यात्रियों से लाखों रुपये की लूट की थी। एसएसपी सौमित्र यादव ने वर्क आउट के लिए एसओजी के साथ चार टीमों को लगाया था। रविवार रात एसओ वजीरगंज को मुखबिर से सूचना मिली कि आंवला रोड पर बदमाश लूट के माल का बंटवारा कर रहे हैं। उप निरीक्षक प्रवेश पाठक और सिपाहियों के साथ पुलिस ने बदमाशों की घेरा बंदी कर ली। पुलिस ने मौके से कुंवरगांव के पनौटा गांव निवासी राजपाल, सुरेश, आंवला के करसरी के इतवारी, वजीरगंज के गांव मालयपुर के रामवीरेश को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार बदमाशों के पास से 16 हजार रुपये नगदी, दो तमंचा, कारतूस, एक मोबाइल बरामद हुआ। गिरफ्तार बदमाशों ने अपने साथियों के साथ मुरारी, वीरपाल, विजेंद्र निवासी मालपुर, रामचंद्र निवासी पनौटा थाना वजीरगंज और मझले निवासी कटसारी थाना आंवला (बरेली) बताए। पुलिस इनकी तलाश कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
डकैती की धाराओं में तरमीम हुआ मुकदमा
बदायूं। एसपी देहात बालेंदुभूषण सिंह ने बताया कि लूट की धाराओं में दर्ज मुकदमा डकैती की धाराओं में तरमीम कर लिया गया है। बता दें कि पहले पुलिस इसे डकैती मानने को तैयार नहीं थी। घटना का वर्क आउट हुआ तो पता लगा कि वारदात में चार नहीं नौ बदमाश शामिल थे।
किसी बदमाश का नहीं आपराधिक इतिहास
बदायूं। गिरफ्तार किसी भी बदमाश का आपराधिक इतिहास नहीं है। वर्क आउट करते हुए एसपी देहात ने बताया कि पुलिस हिस्ट्रीशीटरों से पूछताछ कर रही थी, लेकिन जिन बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया उनमें किसी का अपराधिक इतिहास नहीं है। इन्हीं बदमाशों ने दो महीने पहले इसी रोड पर रंगशाला कर्मियों से लूटपाट की थी।