जरीफनगर के गांव ज्योरा शेखपुर में रहने वाले रघुवीर का बेटा 35 वर्षीय इजनेश छह साल से नोएडा के अशोकनगर में रहकर नौकरी कर रहा है। परिवार वालों के अनुसार इसी सप्ताह इजनेश की पत्नी पूनम की चचेरी बहन राजेश्वरी है जिसमें शामिल होने के लिए दोनों शनिवार को नोएडा से बाइक पर गांव आने के लिए चले थे। शनिवार रात पड़रिया-हसनपुर लिंक रोड से गुजरे कुछ लोगों ने इजनेश लहूलुहान हालत में सड़क किनारे पड़ा देखा तो पुलिस को खबर दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की तो सड़क के दूसरी ओर झाड़ियों में पूनम की लाश पड़ी मिली। पास ही में लोहे की एक रॉड और खून से सने हुए दस्ताने भी पुलिस को मिले। उसके शरीर से जेवर भी गायब थे।
मामला साफ-साफ हत्या का नजर आने के बावजूद पुलिस ने थाने लौटते ही इजनेश के बड़े भाई पप्पू से तहरीर लेकर हादसे की रिपोर्ट दर्ज कर ली और अचेतावस्था में मिले इजनेश को अस्पताल भेज दिया। उसके होश में आने का इंतजार तक नहीं किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पूनम की मौत की वजह सिर में गहरी चोट आना बताया गया है। प्रभारी एसओ जितेंद्र पाल ने बताया कि होश में आने के बाद इजनेश से पूछताछ की जाएगी। उधर रविवार रात होश में आए इजनेश ने बताया कि पड़रिया-हसनपुर लिंक रोड पर रात साढ़े नौ बजे लाल बुलेरो से आए बदमाशों ने उसकी बाइक को ओवरटेक कर रोक लिया। इसके बाद लूटपाट का विरोध करने पर उनकी लोहे की रॉड से पिटाई की। बदमाश उनके पास से 30 हजार रुपये कैश और पूनम के जेवर लूट ले गए।
इजनेश की कहानी पर उठ रहे हैं सवाल
इजनेश की लूटपाट की कहानी पर कई सवाल भी उठ रहे हैं। पूनम की लाश के पास मिले खून से सने दस्ताने उसकी हत्या के पीछे साजिश का इशारा भी कर रहे हैं। ऐसी कभी कोई घटना सामने नहीं आई जिसमें बदमाशों के लूटपाट के दौरान दस्ताने का इस्तेमाल करने की पुष्टि हुई हो। दस्तानों पर लगा खून यह भी गवाही दे रहा है कि पूनम की लाश को इधर से उधर किया गया है। बदमाशों ने पूनम की लाश को क्यों हटाया और इजनेश को सड़क पर ही पड़ा क्यों छोड़ दिया, इस सवाल का भी जवाब नहीं मिल रहा है।