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लंबे समय से चल रही है मेवली में गुटबाजी

Wed, 13 May 2015 11:49 PM IST
badaun
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थाना क्षेत्र के मेवली गांव में लंबे समय से गुटबाजी चल रही है। एक गुट प्रेमशंकर, प्रमोद, मुनीश, नरेश, देवेंद्र, संजय का है और दूसरा बद्री, वीरा उर्फ वीरेंद्र, मनोज, किशन लाल का है। नौ मई को प्रेमशंकर के घर पर बारात के दौरान मामूली विवाद को इसी गुटबाजी से हवा मिली।
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नौ कई मो प्रेमशंकर की बेटी की हरदलपुर से बारात आई थी। बारात चढ़त के दौरान दूल्हा मनवीर के दोस्त राकेश का वीरा से मामूली विवाद हो गया। दोनों पक्षों में मारपीट भी हुई। मामला पुलिस तक पहुंचा लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। बुधवार को मनवीर और राकेश कथा में शामिल होने प्रेमशंकर के घर आए। दोनों प्रेमशंकर के पड़ोसी प्रमोद के घर पर थे। वीरा पक्ष के लोगों को यह पता लग गया। खबर पुलिस को दी तो सिपाही राकेश को पकडने पहुंच गए। यह देखकर प्रेमशंकर और प्रमोद पक्ष के लोग लामबंद हो गए। उन्होंने राकेश को नहीं ले जाने दिया।
बद्री और वीरा पक्ष के लोग भी लामबंद होने लगे। महिलाएं छतों पर चढ़ गईं। मौके पर मौजूद दयाशंकर और ओमकार सिपाही स्थिति को भांप नहीं सके। हालात लगातार बिगड़ते गए। दोनों पक्षों की ओर से पथराव चालू हो गया। गनीमत रही कि इसमें कोई घायल नहीं हुआ। आरोप है कि इसी दौरान वीरा पक्ष के लोगों ने प्रमोद के भाई नरेश के घर में आगजनी की कोशिश की। पुलिस जब तक हालात समझती गांव में बवाल शुरू हो गया था। बाद में दोनों पक्ष थाने पहुंचे। सैकड़ों लोगों की भीड़ घंटों थाने को घेरे रही।
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महिलाओं ने छतों से किया पथराव
उघैती। संघर्ष के दौरान महिलाएं भी पीछे नहीं रहीं। दोनों गुटों की महिलाओं और बच्चों ने छतों पर चढ़कर पथराव शुरू कर दिया। हालात बिगडने पर दोनों सिपाहियों ने यहां से भागकर जान बचाई। गांव में सुबह सात बजे ही बवाल शुरू हो गया था।

मुकदमा लिखने में हीलाहवाली पर बिगड़ी बात
उघैती। प्रमोद पक्ष के लोगों के थाने पहुंचने से पहले ही ब्रदी पक्ष के लोग थाने पहुंच गए थे। इन लोगों ने बद्री की पत्नी शकुंतला को मेज पर लिटाकर पुलिस पर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए दवाब बनाया। एसओ एनपी सिंह ने शकुंलता को मेडिकल के लिए अस्पताल भेज दिया। इसके बाद प्रमोद पक्ष के सैकड़ों लोग थाने पहुंच गए। प्रमोद पेशे से वकील है। उसने रिपोर्ट दर्ज कराने को कहा तो एसओ ही आनाकानी की। प्रमोद को पता था कि बद्री पक्ष ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है। जब उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई तो प्रमोद ने थाने में ही विषाक्त  पदार्थ का सेवन कर लिया।

बलवा में तीन महिलाओं पर भी मुकदमा
उघैती। दो गुटों में पथराव और मारपीट के बाद मेवली में तनाव की स्थिति बनी हुई है। घटना के बाद तमाम लोग घरों से फरार हैं। प्रमोद पक्ष की ओर से पुलिस ने चौदह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इसमें बद्री पक्ष की शकुंतला, ममता और चंद्रकली भी शामिल हैं। इन सभी पर बलवा करने का आरोप है। गांव में एहतियातन पुलिस तैनात कर दी गई है।
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