छह नामजद और सात अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
महिलाओं के प्रदर्शन की आड़ में उचक्कों ने हाथ साफ किया
शराब की दुकानों को लेकर जिले में शुरू हुआ आंदोलन उग्र रूप लेने लगा है। शराब की दुकानों पर महिलाओं के प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग हाथ साफ करने में जुटे हैं। गुरुवार को शहर के टिकटगंज में शराब की दुकान पर महिलाओं के प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने लूटपाट की थी। शुक्रवार को ऐसा ही इस्लामनगर में हुआ। महिलाओं के प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने शराब की दुकान में लूटपाट की और बाद में दुकान में आग लगा दी। मामले में छह लोगों को नामजद करने के साथ सात अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
इस्लामनगर में बिसौली रोड पर चिचैटा चौराहे के पास शराब की दुकान है। शुक्रवार को दिन में करीब 12 बजे महिलाएं हाथों में लाठी-डंडे लेकर शराब की दुकान पर पहुंच गईं। महिलाएं दुकान बंद कराने की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगीं। इस दौरान भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने दुकान पर धावा बोल दिया। यहां से देसी शराब की दो पेटी और 300 रुपये नकदी लूट ली गई। लूटपाट के बाद दुकान में आग लगा दी। खबर मिलने पर पुलिस-प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। मामले में शराब कंपनी के मैनेजर उदयपाल की ओर से मुलायम सिंह, विश्नू, धर्मपाल, कल्लू, गेंदन लाल, हरी सिंह, मामू को नामजद करने के साथ सात अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
महिलाओं का प्रदर्शन, शराब की दुकान हटाने की मांग
गुलड़िया। नगर पंचायत में प्राइमरी स्कूल और इंटर कॉलेज के पास स्थित शराब की दुकान हटाने की मांग को लेकर शुक्रवार को महिलाओं ने प्रदर्शन किया। महिलाओं का कहना था कि कॉलेज और स्कूल के पास शराब की दुकान का विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। कई बार दुकान को यहां से हटाने की मांग की जा चुकी है। इसके बावजूद कोई गौर नहीं कर रहा है। महिलाओं के प्रदर्शन की खबर पर एसओ मूसाझाग अजीत प्रताप सिंह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने भरोसा दिया कि एक सप्ताह में दुकान को यहां से हटवा दिया जाएगा। इसके बाद महिलाएं शांत हुईं।
पांच लोगों के खिलाफ शराब की दुकान में लूट का मुकदमा
बदायूं। शहर के मोहल्ला टिकटगंज में गुरुवार को महिलाओं ने शराब की दुकान हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। इस दौरान कुछ लोगों ने महिलाओं की आड़ में शराब की दुकान पर धावा बोल दिया। यहां इन लोगों ने तोड़फोड़ के साथ लूटपाट की। मामले में कोतवाली पुलिस ने रोहित, सचिन, वीरेंद्र समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
शराब ठेकों की जांच को जिले में छह जांच टीमें गठित
बदायूं। घनी बस्तियों में स्कूलों और मंदिरों के पास चल रहे शराब ठेकों के खिलाफ जारी आक्रोश के बीच प्रदेश सरकार गंभीर नजर आ रही है। शराब ठेकों की स्थिति का परीक्षण करने के लिए शासन नेे तीन सदस्यीय टीम गठित कर संयुक्त जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। जांच टीमों का गठन तहसीलवार किया गया है। प्रत्येक जांच टीम में संबंधित एसडीएम, सीओ और सर्किल के आबकारी निरीक्षक को शामिल किया गया है। जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर डीएम कोई फैसला लेंगे।
जिले में कई दिन से शराब की दुकानों पर हमले हो रहे हैं। सेल्समैन से मारपीट और दुकानों में लूटपाट के मामले भी सामने आए हैं। यह स्थिति सिर्फ बदायूं में नहीं पूरे प्रदेश में है। खासकर महिलाएं शराब की दुकानें बंद करने को लेकर उग्र आंदोलन कर रही हैं। कुछ लोग पुलिस से बचने के लिए शराब की दुकानों पर हमले में महिलाओं और बच्चों को ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। कई बार अराजकता का माहौल पैदा हो रहा है। गौर करने वाली बात यह है कि शराब की जिन दुकानों पर पिछले एक सप्ताह में विरोध प्रदर्शन के साथ तोड़फोड़ की गई है। उनमें अधिक तर तो दशकों से उसी क्षेत्र में चल रही हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में एक अप्रैल से शराब की हाईवे किनारे से दुकानों को हटाया गया है। इन दुकानों को भी बस्तियों में शिफ्ट किया जा रहा है। इसको लेकर भी विरोध है।