नाबालिग पति का मामला है विचाराधीन
अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ डॉ.कपिला राघव ने दहेज हत्या के एक मामले में आरोपी सास-ससुर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जबकि पति का मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
दहेज हत्या की यह घटना थाना रजपुरा क्षेत्र में 22 अप्रैल 2016 को घटी थी। थाना धनारी क्षेत्र के गांव ढिनौरा निवासी तेजपाल सिंह पुत्र रघुनाथ सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी बहन बॉबी उर्फ बोवना की शादी तीन साल पहले थाना रजपुरा क्षेत्र के गांव लहरा रतू निवासी मटरू के नाबालिग पुत्र के साथ की थी। उनका कहना था कि उन्होंने अपनी बहन की शादी में हैसियत के मुताबिक दान-दहेज दिया। इसके बाद भी ससुराल वाले दहेज में बाइक की मांग करते थे। आरोप था कि बाइक की मांग पूरी न होने पर ससुराल वाले तरह-तरह से बॉबी को प्रताड़ित करते थे।
तेजपाल ने कहा था कि घटना वाले दिन उसके बबराला निवासी मौसेरे भाई बलवीर पुत्र कालीचरन को सूचना मिली थी कि उसकी बहन बॉबी ने फांसी लगा ली है। सूचना पर तेजपाल अपने परिवार वालों के साथ वहां पहुंच गए। देखा कि बॉबी की लाश बरामदे में पड़ी थी। इस मामले में नाबालिग पति, देवर और सास-ससुर के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। विवेचना में देवर का नाम निकल गया था।
न्यायाधीश कपिला राघव ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी जगत सिंह यादव और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने आरोपी सास अतरकली और ससुर मटरू को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाने के साथ ही दोनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना डाला।
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...पति तो है नाबालिग
बदायूं। दहेज हत्या में आरोपी पति नाबालिग है। जिसकी वजह से उसका मामला किशोर न्याय बोर्ड में विचाराधीन है।
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