जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र कुमार जौहरी ने संपत्ति हड़पने को लेकर विधवा भाभी की हत्या करने वाले मुजरिम को दोषी पाते हुए उम्रकैद की कैद और 75 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की रकम जमा होने पर बतौर मुआवजा मृतका के वारिस और चुटैल को देने का आदेश दिया है। हत्या की वारदात थाना बिनावर क्षेत्र में 24 जुलाई 2011 को हुई थी। थाना बिनावर के गांव दियोरीजीत निवासी रिषीपाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपनी विधवा बहन नन्हीं देवी और भाई सियाराम के साथ थाना कुंवरगांव के कैली गांव से दसवां संस्कार से लौट रहा था। उसकी बहन के देवर राकेश पुत्र इतवारी और सास रामदेई से उसकी बहन की संपत्ति में उसके भांजे को हिस्सा न देने को लेकर बहस हो गई थी। आरोपी राकेश और रामदेई ने जमीन में हिस्सा देने से मना कर दिया और देख लेने की धमकी दी। वे लोग जब साइकिल से घर लौट रहे थे तो उसकी बहन नन्ही देवी अपने दूसरे भाई सियाराम की साइकिल पर बैठकर आ रही थी। मलगांव से आगे निकलकर मोहनलाल के खेत के पास जैसे पहुंचे, वैसे ही पहले से घात लगाए बैठे दो अज्ञात लोगों ने उसके भाई और बहन को रोककर जान से मारने की नीयत से धारदार हथियारों से मारकर उसकी बहन नन्ही देवी की हत्या कर दी और उसके भाई को गंभीर रूप से घायल कर दिया। वादी रिषीपाल ने अपने बहन के देवर राकेश और सास रामदेई को हत्या में नामजद कराया। विद्वान न्यायाधीश ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से डीजीसी क्रिमिनल जवाहर सिंह यादव और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद हत्या में नामजद आरोपी राकेश को दोषी करार देते हुए उम्रकैद सहित 75 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जबकि आरोपी सास रामदेई की मुकदमा के दौरान मृत्यु हो गई।