फिरौती के लिए अपहरण के बाद जूता व्यापारी खालिद अली के सात साल के बेटे उसैदुल अली की हत्या के बाद शव जलाने की वारदात से चौधरी सराय मोहल्ले में तनाव हो गया। मंगलवार की शाम शव बरामद होने के बाद आक्रोशित उसैदुल के परिवार वालों ने आरोपियों के घरों में घुसकर तोड़फोड़ और आगजनी की। उपद्रव की स्थिति के बीच तीन सीओ, नौ थानों की पुलिस के साथ पीएसी को लगाना पड़ा। पुलिस और पीएसी के सामने भी उपद्रव की स्थिति बनी रही। आरोपियों के परिवार वालों को पुलिस ने किसी तरह निकाल कर सुरक्षित जगह पहुंचाया।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला चौधरी सराय निवासी खालिद अली जूता व्यापारी हैं। उनका सात वर्षीय बेटा उसैदुल अली 16 जनवरी को लापता हो गया था। खालिद ने 17 जनवरी को कोतवाली में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस जब पड़ताल में जुटी, तो पता लगा कि 16 जनवरी को मोहल्ले के कुछ लोगों ने उसैदुल को सफेद रंग की अपाचे बाइक पर तीन लोगों के साथ देखा था। शक के आधार पर पुलिस ने जोएब पुत्र नईम, लब्बू पुत्र नब्बन और फरहान नाम के युवक को हिरासत में लिया। यह तीनों खालिद के पड़ोसी हैं। इन पर खालिद को कोई शक भी नहीं था। खालिद के कहने पर पुलिस ने तीनों को छोड़ भी दिया।
17 जनवरी की रात खालिद के पास एक फोन आया। फोन करने वाले ने उसैदुल के बदले दस लाख की फिरौती की मांग करते हुए रुपये का इंतजाम करने को कहा। खालिद ने यह नंबर पुलिस को दे दिया। नबंर को सर्विलांस पर लगाने के बाद फरहान, जोएब और लब्बू पुलिस के निशाने पर आ गए। मंगलवार को पुलिस ने फिर तीनों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो सच सामने आ गया। तीनों ने पुलिस को उसैदुल की हत्या कर लाश कुरऊ के जंगल में फेंकने की बात बताई। यह भी बताया कि उन्होंने उसैदुल का फिरौती के लिए अपहरण किया था। पकड़े जाने के डर से पहले उसे गला दबाकर मारा, बाद में पहचान मिटाने के लिए शव जला दिया। आरोपियों की निशानदेरी पर मंगलवार दोपहर पुलिस ने अधजला शव बरामद कर लिया।
ये खबर जब चौधरी सराय मोहल्ले में पहुंची तो वहां उपद्रव शुरू हो गया। परिवार और उनके रिश्तेदारों ने जोएब के घर पर धावा बोलकर आग लगा दी। फरहान और लब्बू के घरों में तोड़फोड़ की। चौधरी सराय में करीब तीन घंटे तक उपद्रव होता रहा। भारी तादाद में पहुंची पुलिस और पीएसी को भी हालात काबू करने में पसीने छूट गए। एडीएम एके श्रीवास्तव, एसडीएम बिल्सी विधान जायसवाल, एसपी सिटी अनिल यादव, सीओ उझानी जेएस पाठनी, सीओ दातागंज श्योराज सिंह समेत कई अधिकारी चौधरी सराय में जमे रहे।
वर्जन-
फिलहाल आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। आरोपियों का मकसद फिरौती मांगना था। बालक की हत्या 16 जनवरी को ही कर दी गई थी। बाद में पहचान मिटाने के लिए शव जलाया गया। तीनों आरोपी कब्जे में हैं। फिलहाल हमारा पूरा ध्यान कानून व्यवस्था बनाए रखने पर है।
-अनिल यादव, एसपी सिटी