कटरा सआदतगंज कांड में सीबीआई ने मामले की सुनवाई कर रहे स्पेशल जज (पाक्सो एक्ट) अनिल कुमार की कोर्ट में शुक्रवार को साक्ष्य दाखिल नहीं किए। वादी पक्ष ने छह जनवरी को हुई सुनवाई में कोर्ट के जरिए मामले की क्लोजर रिपोर्ट का आधार जानने के लिए साक्ष्यों की छाया प्रतियां मांगी थीं। शुक्रवार को इस मामले में सीबीआई के अधिवक्ता कुमार रजत ने कहा कि वादी पक्ष को साक्ष्य उपलब्ध कराने का प्रावधान नहीं है। सीबीआई अधिवक्ता की दलील पर वादी पक्ष के वकील एचएस नकवी ने ऐतराज जताया है। मामले की अगली सुनवाई अब दो फरवरी को होगी।
बता दें कि कटरा सआदतगंज कांड में सीबीआई ने छह महीने की जांच के बाद 11 दिसंबर को क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। जांच एजेंसी का दावा था कि दोनों लड़कियों ने खुदकुशी की थी। इस पर कोर्ट ने वादी पक्ष को नोटिस जारी कर अपना पक्ष छह जनवरी को कोर्ट में रखने के लिए कहा था। छह जनवरी वादी पक्ष ने सीबीआई से मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों की छाया प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की थी। इस पर सुनवाई के लिए कोर्ट ने 16 जनवरी तय की थी।
कोर्ट को दे सकते हैं साक्ष्य: कुमार रजत
बदायूं। सीबीआई के अधिवक्ता कुमार रजत ने कोर्ट से बाहर आने के बाद मीडिया से कहा कि वादी पक्ष को जांच एजेंसी के साक्ष्य मुहैया नहीं कराए जा सकते। उन्होंने कहा कि साक्ष्य सिर्फ कोर्ट को दिए जा सकते हैं। अगर कोर्ट साक्ष्य मांगता है तो जांच एजेंसी साक्ष्य दाखिल करेगी।
सीबीआई के पास नहीं हैं ठोस साक्ष्य: नकवी
बदायूं। वादी पक्ष के अधिवक्ता एसएच नकवी ने कहा कि सीबीआई के पास क्लोजर रिपोर्ट को सही साबित करने के लिए कोई ठोस साक्ष्य हैं ही नहीं। उन्होंने कहा कि वादी पक्ष को मामले में प्रोस्टेट दाखिल करना है। सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को चुनौती देने के लिए साक्ष्यों का अध्ययन जरूरी है।
वादी पक्ष बोला, सीबीआई से भरोसा उठा
बदायूं। वादी पक्ष ने एक बार फिर सीबीआई जांच पर उंगली उठाई है। एक लड़की के पिता ने कहा कि सीबीआई की जांच गलत है। लड़कियां खुदकुशी नहीं कर सकतीं। अगर सीबीआई के पास इसका कोई आधार है तो वह बताए। उन्होंने कहा कि अब सीबीआई से भी भरोसा उठ गया है।