नशे में धुत्त करीब आठ-दस सशस्त्र ठेकेदारों ने दो कारों से पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) एमसी शर्मा की कोठी पर चढ़ाई कर दी। मेन गेट का कुंडा तोड़कर कोठी में घुस गए। एक्सईएन को बाहर निकलने के लिए ललकारा और गालियां दीं। अंदर की किवाड़ें तोड़ने का प्रयास कर रहे थे तभी एक्सईएन की सूचना पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी फोर्स के साथ पहुंच गए। इसी बीच ठेकेदार वहां से फरार हो गए। सत्ता पक्ष से जुड़े होने के कारण पुलिस ठेकेदारों की पहचान करने से कतरा रही है। तहरीर दिए जाने के बावजूद अभी तक मुकदमा भी दर्ज नहीं किया है।
गुरुवार रात करीब 11 बजे हुई इस वारदात की सूचना एक्सईएन श्री शर्मा ने उच्चाधिकारियों को दी। उच्चाधिकारियों को सूचना मिली तो पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में खलबली मच गई। एक्सईएन की कोठी पर शराब के नशे में धुत होकर असलहे लेकर पहुंचे ठेकेदार अंदर का दरवाजा तोड़ पाते कि तभी साइरन बजाती पुलिस की गाड़ी वहां पहुंच गई। इस पर ठेकेदार जिन दो गाड़ियों से आए थे, उन्हीं से फरार हो गए।
डीएम शंभूनाथ और एडीएम (प्रशासन) अशोक कुमार श्रीवास्तव के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट विजय बहादुर, सीओ सिटी राजेंद्र सिंह धामा, सीओ उझानी सतीश चंद्र शर्मा मौके पर पहुंचे। ये अधिकारी रात 12 बजे तक एक्सईएन की कोठी पर रु के रहे। कोठी के चौकीदार सज्जाद और वीरेश यादव से पूछताछ भी की। घटना के दौरान दोनों चौकीदार मौजूद थे। चौकीदारों ने कहा है कि कोठी पर चढ़ाई करने वाले ठेकेदार ही थे और बेहद नशे में थे। वे उनका नाम तो नहीं जानते लेकिन चेहरे से पहचान लेंगे। एक्सईएन की कोठी पर तभी से पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
हमला करने पहुंचे लोगों के इरादे अच्छे नहीं थे। अगर, समय पर पुलिस और अधिकारी नहीं पहुंचते तो मेरे साथ कोई भी बड़ी घटना हो सकती थी। वारदात के समय मैं टीवी देख रहा था। बाहर हंगामा होता रहा लेकिन मैंने दरवाजा नहीं खोला। मैंने जिले के अधिकारियों के अलावा अपने अधीक्षण अभियंता (एसई) को भी घटना के बारे में बता दिया है। थाने में तहरीर भी दे दी है।- एमसी शर्मा, एक्सईएन, निर्माण खंड, पीडब्ल्यूडी
प्रकरण गंभीर है। एक्सईएन की कोठी पर हुए हमले में शामिल ठेकेदारों की पहचान कराई जाएगी। दोषियों के खिलाफ कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराके उन्हें जेल भेजा जाएगा। - लल्लन सिंह, एसपी सिटी