कटरा सआदतगंज का पीड़ित परिवार प्रोटेस्ट दाखिल करने की तैयारी में जुट गया है। पीड़ित परिवार के लोग इस मामले में सीबीआई की ओर से दाखिल की गई क्लोजर रिपोर्ट की नकल लेने के लिए सोमवार को स्पेशल जज (पाक्सो एक्ट) की अदालत में पहुंचा। हालांकि इनको रिपोर्ट की नकल नहीं मिल सकी। यहां पहुंचे लड़कियों के भाई और एक लड़की के पिता ने कहा कि क्लोजर रिपोर्ट की नकल मिलने के बाद वे कानून के जानकारों की राय लेकर कोर्ट में प्रोटेस्ट दाखिल करेंगे। जरूरत पड़ी तो लड़ाई को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाया जाएगा।
कटरा सआदतगंज में 27/28 मई को दो चचेरी बहनों के शव पेड़ पर लटके मिले थे। इनके परिवार वालों ने दो सिपाहियों समेत गांव के तीन सगे भाइयों के खिलाफ गैंगरेप के बाद हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। 11 दिसंबर को सीबीआई ने कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करते हुए दावा किया है कि दोनों बहनों के साथ न तो रेप हुआ और न उनकी हत्या की गई। दोनों बहनों ने आत्महत्या की थी।
बार्डर की चौकी पर एक दरोगा और तीन सिपाही
कटरा सआदतगंज में सुरक्षा व्यवस्था बदहाल
कटरा सआदतगंज के शैक्षिक पिछड़ेपन को ही नजरअंदाज नहीं किया जा रहा, इलाके के सुरक्षा इंतजामों को भी तबज्जो नहीं दी जाती। स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उसहैत थाने की कटरा सआदतगंज पुलिस चौकी बदायूं, शाहजहांपुर और फर्रुखाबाद के बार्डर की चौकी है। थाने की सबसे बड़ी पुलिस चौकी के इलाके में 42 गांव आते हैं। इन गांवों की आबादी करीब 1.20 लाख है लेकिन तीन जिलों के बार्डर की चौकी के इलाके में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का जिम्मा एक दरोगा और तीन सिपाहियों पर है। देश दुनिया में चर्चित होने के बाद भी पुलिस चौकी पर स्टाफ नहीं बढ़ाया गया। 27/28 मई की रात कटरा सआदतगंज कांड होने के बाद गांव में पीड़ित और आरोपियों के घरों पर पुलिस-पीएसी लगाई गई है लेकिन इनकी जिम्मेदारी सिर्फ इन परिवारों की सुरक्षा है।