सब रजिस्ट्री कार्यालय के कातिब रामकुमार गुरुवार रात गंभीर हालत में उझानी रेलवे स्टेशन पर ट्रैक के पास पड़े मिले है। उनके दोनों पैर और एक हाथ कटा हुआ था। उन्हें गंभीर हालत में बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रामकुमार के परिवार वालों ने मोहल्ले के ही एक डिश संचालक पर रामकुमार के हाथ-पैर काटकर उसे ट्रैक पर फेकने का आरोप लगाते हुए सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी है। सिविल लाइंस पुलिस इसे कोतवाली उझानी और जीआरपी से जुड़ा मामला बता रही है। इधर, जीआरपी का कहना है कि यह हादसा है।
सिविल लाइंस थाने के मोहल्ला आदर्श नगर निवासी रामकुमार सिंह (45) सब रजिस्ट्री कार्यालय में काबित हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने घर में डिश कनेक्शन कराया था। राम कुमार के भाई राजकुमार का आरोप है कि गुरुवार को डिश संचालक उनके घर रुपये लेने आया। रामकुमार ने डिश ठीक करने की बात कही तो दोनों में कहासुनी हो गई।
रामकुमार की पत्नी रीना, भाई राजकुमार और मां अध्यापिका चंद्रवती का आरोप है कि गुरुवार शाम डिश संचालक अपने कुछ साथियों के साथ रामकुमार को घर से बुला ले गया। बाद में गुरुवार रात नौ बजे उसके हाथ-पैर काटकर उझानी में रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। रिपोर्ट दर्ज कराने को छह लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई है। रामकुमार का बरेली के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। जिला अस्पताल में रामकुमार का मेडिकल न हो पाने की वजह से यह साफ नहीं हो सका है कि उसके हाथ-पैर कैसे कटे हैं।
वर्जन-
मामले की जांच की जा रही है। रामकुमार चलती ट्रेन से गिरकर घायल हुआ है। घटना को कई लोगों ने देखा भी है। अगर कोई तहरीर आती है तो रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।-उमेश सिंह सोलंकी, एसओ जीआरपी
एफआईआर से पुलिस पर हमले की धाराएं गायब
सख्त कार्रवाई न होने से बढ़ रहे तस्करों के हौंसले
बदायूं। अलापुर थाने के कस्बा सखानूं में पुलिस पर हमला कर प्रतिबंधित पशुओं के मांस की तस्करी करने वालों को छुड़ाने के मामले को पुलिस ने संजीदगी से नहीं लिया। एसओ अलापुर अजीत प्रताप सिंह की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर से पुलिस टीम पर हमला कर आरोपियों को छुड़ाने की धाराएं ही गायब हैं। जाहिर है कि पुलिस के इसी रवैये की वजह से पशु और मांस तस्करों के हौंसले बुलंद हो रहे हैं।
मांस तस्करों को पुलिस पर हमला कर छुड़वाने के मामले में पप्पू और फैज नाम के कसाइयों को नामजद करते हुए छह लोगों के खिलाफ जो रिपोर्ट दर्ज की है वह किसी के गले नहीं उतर रही। इसके मजमून में पुलिस पर हमले का जिक्र ही नहीं है। कहा गया है कि दो नामजद समेत छह तस्कर पुलिस को देखकर भाग गए। मौके से पुलिस ने मांस बरामद कर लिया। पुलिस टीम पर हमले कर आरोपियों को छुड़ाने की संगीन घटना में पुलिस ने लीपापोती क्यों की यह किसी से छिपा हुआ नहीं है।