उत्तराखंड भेजे जाने थे, बड़ी संख्या में कछुए और उनके कंकाल बरामद
पुलिस ने शनिवार को दो तस्करों को गिरफ्तार कर कछुओं के अवैध कारोबार का खुलासा किया है। बरामद कछुए और उनके कंकाल उत्तराखंड भेजे जाने थे। पकड़े गए आरोपी साले-बहनोई हैं, जो पिछले कई सालों से इस अवैध कारोबार में लिप्त थे।
एसएसपी चंद्र प्रकाश ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि सीओ दातागंज भरतभूषण के नेतृत्व में अलापुर पुलिस शनिवार सुबह चेकिंग कर रही है। तभी अलापुर थाना प्रभारी हरेंद्र सिंह तोमर को मुखबिर से सूचना मिली कि कंचनपुर गांव का अतुल अपने बहनोई शाहजहांपुर के गढ़िया रंगीन निवासी संजू के साथ कछुओं के लेकर कहीं जा रहा है। इस पर एसओ हरेंद्र सिंह, दरोगा धर्मपाल, प्रमोद कुमार, कांस्टेबल सुजीत सिंह और राजेश ने कंचनपुर गांव के एक घर में दबिश देकर दो लोगों को दबोच लिया, यह आपस में साले-बहनोई हैं। पकड़े गए आरोपियों के पास से बोरे में बंद करीब 14 जिंदा कछुए और काफी संख्या में कछुओं के कंकाल बरामद हुए। पकड़े गए आरोपियों से पता चला है कि उत्तराखंड के सितारगंज का युवक इन कछुओं को लेने के लिए अलापुर आने वाला था।
---
छह सौ रुपये किलो बेचे जाते थे कछुआ
पूछताछ के दौरान अतुल और संजू ने बताया कि वे आसपास के तालाबों से कछुए पकड़कर उत्तराखंड के सितारंगज निवासी एक युवक को 500 से 600 रुपये किलो के रेट से बेच देते थे। जिंदा कछुए और उनके कंकाल लेने के लिए सितारगंज का एक युवक यहां आने वाला था। पकड़े गए साले-बहनोई पिछले कई सालों से कछुओं की सप्लाई कर रहे थे।