-दो घंटे जाम में फंसे रहे लोग, लिखित समझौते के बाद हटाई गईं बसें
-होमगार्ड पर परिचालक को पीटने का आरोप लगाकर भड़के रोडवेज वाले
रोडवेज पर जाम ने बुधवार को बखेड़ा करा दिया। जाम खुलवाने की कोशिश में जुटे होमगार्ड का रोडवेज बस के चालक और परिचालक से झगड़ा हो गया। आरोप है कि होमगार्ड ने परिचालक की पिटाई कर दी। इसके विरोध में रोडवेज की अन्य बसों के चालक और परिचालकों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। बसों को सड़क पर खड़ा करके जाम लगा दिया। दो घंटे जाम लगा रहा। पुलिस ने बमुश्किल रोडवेज कर्मचारियों को समझाबुझाकर जाम खुलवाया। जाम लगने से राहगीर परेशान रहे।
गुरुवार सुबह 11 बजे बरेली डिपो की बस लेकर रोडवेज चालक हरिओम बदायूं बस स्टैंड पहुंचा था तो रोड पर प्राइवेट बसों के सवारी भरने से जाम लगा हुआ था। रोडवेज चालक हरिओम सवारियां उतारने लगा तभी होमगार्ड ने बस पर डंडा मार दिया। चालक ने आपत्ति की तो होमगार्ड और उसमें कहासुनी हो गई। बस के परिचालक सोमपाल ने बीच-बचाव की कोशिश की। आरोप है कि इस पर होगमार्ड ने परिचालक सोमपाल की पिटाई कर दी। इसके बाद तो रोडवेज बसों के कई अन्य चालकों और परिचालकों ने हंगामा खड़ा कर दिया। होमगार्ड के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर उन्होंने रोडवेज पर रोड पर बसों को खड़ा करके जाम लगा दिया। सूचना पर रोडवेज के कई कर्मचारी नेता भी उनके समर्थन में पहुंचकर हंगामा करने लगे। बीच रोड पर बसों के खड़े होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गईं। दो घंटे तक जाम लगा रहा। हंगामे की सूचना पर सिविल लाइंस थाना प्रभारी राजीव कुमार शर्मा और टीएसआई राम मिलन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। रोडवेज के कर्मचारी होमगार्ड के खिलाफ कार्रवाई होने तक जाम खोलने को तैयार नहीं हुए लेकिन थाना प्रभारी के समझाने पर होमगार्ड और परिचालक में लिखित समझौता हो गया। करीब दो घंटे बाद जाम खुल सका। रोडवेज कर्मचारी नेता असर कदीर ने बताया कि लिखित समझौते में पुलिस प्रशासन की तरफ से आश्वस्त किया गया कि आगे से कोई प्राईवेट बस रोडवेज बस स्टैंड के सामने सवारी नहीं भरेगी, जिससे कि जाम लगने की स्थिति आए।
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धरने की बात सुनते ही बैकफुट पर आई पुलिस
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के शाखा अध्यक्ष असद कदीर, स्टेशन प्रभारी असलम शाहिद के समर्थन में चालक और परिचालक धरने पर बैठने की बात कहने लगे तो पुलिस बैकफुट पर आ गई। सिविल लाइंस थाना प्रभारी राजीव कुमार शर्मा, टीएसआई राम मिलन ने रोडवेज प्रशासन से लिखित में समझौता किया कि आगे से कोई भी प्राइवेट बस यहां खड़ी नहीं होगी, अगर कोई प्राइवेट वाहन स्टैंड के सामने सवारी भरते नजर आया तो ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी के खिलाफ कारवाई होगी।
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पुलिस करती है वसूली इसलिए लगता है जाम
रोडवेज कर्मचारियों का कहना था कि जाम प्राइवेट बसों की वजह से लगता है और प्राइवेट बसों से पुलिस वसूली करती है इसलिए उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती। जाम खुलवाने के नाम पर सिर्फ परिवहन निगम की बसों पर कार्रवाई करने के साथ ही चालक परिचालकों से अभद्रता की जाती है।
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