रेप की शिकार दलित किशोरी के प्राइवेट पार्ट से कपड़ा, माचिस का रेपर, प्लास्टिक का ढक्कन, पॉलीथिन और लकड़ी का टुकड़ा निकलने पर मेडिकल करने वाले डॉक्टर हाकिम सिंह भी हैरान हैं। हैवानियत की इंतहा पर उनका कहना है कि यह प्लांटेड है। उनका तर्क है कि छह दिन तक प्राइवेट पार्ट में यह चीजें रहने पर सेप्टिक होने से किशोरी की जान भी जा सकती थी। सोमवार को डीआईजी आरकेएस राठौर ने बदायूं पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि मेडिकल करने वाले डॉक्टर का बयान महत्वपूर्ण है। किसी निर्दोष को नहीं फंसने दिया जाएगा। मामले में फारेंसिक एक्सपर्ट की राय ली जाएगी। डीआईजी ने घटनास्थल का निरीक्षण भी किया। यहां पुलिस को कोई क्लू नहीं मिले हैं। इस बीच किशोरी की फुफेरी बहन ने कहा है कि दुष्कर्म में तीन लोग शामिल थे।
दलित किशोरी के साथ 23 जून की दोपहर रेप हुआ था। परिवार वालों ने 27 तारीख को रिपोर्ट दर्ज कराई। रविवार देर रात महिला अस्पताल में उसका मेडिकल हुआ। किशोरी के प्राइवेट पार्ट से जब कपड़ा, माचिस का रेपर, प्लास्टिक का ढक्कन, पॉलीथिन और लकड़ी का टुकड़ा निकले तो डॉक्टर भी हैरान रह गए। गौर करने वाली बात यह है कि किशोरी के प्राइवेट पार्ट पर कोई जख्म नहीं है। प्राइवेट पार्ट से निकलने कपड़ा आदि पर कोई खून का निशान भी नहीं है। किशोरी ने पुलिस को दिए 161 के बयान में इस तरह का कोई जिक्र नहीं किया था। मेडिकल करने वाले डॉ. हाकिम सिंह के अनुसार किशोरी को 22 से 24 जून तक पीरियड चल रहा था। इस टाइम में ही उससे रेप हुआ। अगर, रेप के समय ही उसके प्राइवेट पार्ट में यह सामान डाले गए, तो इन पर खून के निशान होना स्वभाविक था। डाक्टर का मानना है कि आठ-दस घंटे पहले ही यह चीजें उसके प्राइवेट पार्ट में डाली गई होंगी।
पुलिस ने नामजद आरोपी संतोष उर्फ शिवम और रिषभ को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। सोमवार को किशोरी के 164 के बयान दर्ज कराए गए। एसओ सिविल लाइंस अजय कुमार यादव का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। किशोरी की फुफेरी बहन ने अब तीसरे आरोपी का नाम बताया है। ये युवक 18 जून से बीमार है। घर पर उसका इलाज चल रहा है। उसके भी घर जाकर बयान दर्ज किए गए हैं।
बार-बार बदलते बयान, कुछ तो छुपा है राज
पुलिस ने दलित किशोरी के साथ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कर भले नामजद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया हो, लेकिन पीड़िता और उसके परिवार के बार-बार बदलते बयानों के पीछे पुलिस भी कुछ राज छिपा होने से इंकार नहीं कर रही। 27 जून को पुलिस ने किशोरी के 161 के बयान दर्ज किए। उसने संतोष उर्फ शिवम और रिषभ का नाम लिया। प्राइवेट पार्ट में कोई सामान डाले जाने की बात उसने पुलिस से नहीं की। रिपोर्ट दर्ज होने के दो दिन बाद किशोरी की फुफेरी बहन कह रही है कि घटना में तीन लोग शामिल थे। खुद डीआईजी आरकेएस राठौर भी मानते हैं कि पूरे मामले की बरीकी से जांच की जरूरत है। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
किशोरी ने पुलिस को बताया था कि वह 23 जून को घर से पड़ोस में दुकान से टॉफी लेने गई थी। पड़ोस में रहने वाला रिषभ उसको बहाने से बाइक पर बैठा कर नगला शर्की की ओर ले गया। वहां गन्ने के खेत में संतोष उर्फ शिवम ने उससे मारपीट की और दुष्कर्म किया। घटना के पांचवें दिन 27 जून को किशोरी की फुफेरी बहन यहां पहुंची। उसने ही रिषभ और शिवम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। बहन का कहना था कि घबराई किशोरी ने परिवार वालों को कुछ नहीं बताया, जब वो यहां आई, तब उसको अपनी आपबीती बताई, तब वह उसे लेकर थाने गई और मुकदमा दर्ज कराया। 28 जून को किशोरी के मेडिकल के बाद सोमवार को जब पुलिस किशोरी को 164 के बयान दर्ज कराने कोर्ट ले जा रही थी, तब उसकी फुफेरी बहन ने आरोप लगाया कि रेप में दो नहीं तीन लोग शामिल थे। तीसरे आरोपी की तस्दीक उसने फेसबुक एकाउंट से की है।
किशोरी की बहन के बयान के आधार पर पुलिस ने आदर्श नगर निवासी तीसरे आरोपी अंकित को भी देर रात हिरासत में ले लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। अंकित के परिवार वालों का कहना है कि वह 18 जून से बीमार है। घर में ही पड़ा हुआ था। उसे खसरा निकला था, सो वहीं गया ही नहीं।
आरोप गंभीर, जांच में वक्त लगेगा: डीआईजी
डीआईजी आरकेएस राठौर ने कहा है कि आरोप बेहद गंभीर है। बारीकी से जांच में वक्त लगेगा। घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने यह भी माना कि परिस्थितियां, मेडिकल रिपोर्ट और बयान मेल नहीं खा रहे हैं। फॉरेंसिक एक्सपर्ट की सलाह ली जाएगी।
पुलिस लाइंस सभागार में मीडिया से बात करने के बाद डीआईजी सीधे घटनास्थल पर गए। प्रभारी एसएसपी बालेंदुभूषण सिंह के साथ उन्होंने घटनास्थल का मुआयना किया। काफी देर यहां रुकने और जायजा लेने के बाद उन्होंने अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम पर एक बार फिर से बात की। प्रभारी एसएसपी बालेंदुभूषण सिंह और एसपी सिटी अनिल यादव का भी कहना है कि जो भी सच है, वह जल्द सामने आ जाएगा। तीनों आरोपियों और किशोरी का डीएनए टेस्ट कराने की बात भी उन्होंने कही है।
सोमवार का घटनाक्रम
10.00 बजे एसएसपी का लेटर महिला अस्पताल पहुंचा। डॉक्टर से पूछा गया कि प्राइवेट पार्ट में निकले सामान कितने पुराने।
11.00 बजे एसओ महिला थाना सुनीता मिश्रा महिला अस्पताल पहुंचीं।
12.20 एसओ सिविल लाइंस अजय यादव महिला अस्पताल पहुंचे।
सीओ सिटी आरएस धामा महिला अस्पताल पहुंचे।
1.00 एसपी सिटी अनिल यादव, सीओ सिटी आरएस धामा ने महिला अस्पताल पहुंच कर डॉ. हाकिम सिंह का बयान लिया।
2.00 बजे किशोरी को 164 के बयान के लिए महिला पुलिस कोर्ट ले गई।
2.10 बजे डीआईजी आरकेएस राठौर के बदायूं पहुंचने की खबर मिली।
4.10 बजे डीआईजी पुलिस लाइंस पहुंचे। यहां उन्होंने पत्रकारों से वार्ता की।
5.20 बजे डीआईजी आरकेएस राठौर, प्रभारी एसएसपी बालेंदुभूषण सिंह, एसपी सिटी अनिल यादव, सीओ सिटी आरएस धामा, एसओ सिविल लाइंस घटनास्थल पर पहुंचे।
6.30 बजे हालात का जायजा और घटना की जानकारी लेने के वादी डीआईजी बरेली रवाना हुए।
साजिश या सच्चाई? तीन छात्रों का कॅरियर दांव पर
आवास विकास की 14 साल की दलित किशोरी से रेप का आरोप लगाने के बाद तीन छात्रों का कॅरियर दांव पर लग गया है। घटना साजिश है या सच? यह तो जांच का विषय है। सभ्य समाज से ताल्लुक रखने वाले तीनों लड़के के परिवार वाले उन पर दुष्कर्म और हैवानियत का आरोप लगने के बाद सदमे में हैं। वह सफाई देते फिर रहे हैं कि उनके बेटे निर्दोष हैं। वह भी जानते हैं कि जांच लंबी चलेगी। अगर लड़के निर्दोष हैं, तब भी उनका कॅरियर चौपट हो जाएगा।
किशोरी को बहला-फुसला कर बाइक से ले जाने का आरोप रिषभ (20) पर है। रिषभ एसके इंटर कॉलेज में कक्षा 11 का छात्र है। उसके पिता सर्वेश चंद्र एलआईसी के अभिकर्ता हैं। किशोरी और उसकी फुफेरी बहन आवास विकास के जिस संतोष उर्फ शिवम पर रेप का आरोप लगा रही है, उसके पिता एमपी सिंह विकास भवन में बाबू हैं। शिवम बीएससी करने के बाद पीजीडीएम (पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा ऑफ मैनेजमेंट) कर रहा है। अंकित के पिता अनिल परिवहन विभाग में हैं। अंकित आगरा यूनिवर्सिटी से बीएससी तृतीय वर्ष का छात्र है। आरोप है कि अंकित और रिषभ ने किशोरी को दबोचा और शिवम ने उसके साथ दुष्कर्म किया। हालांकि तीनों लड़कों के पड़ोसियों को इनके चाल-चलन से कोई शिकायत नहीं है। अब आरोप लगने के बाद तीनों के परिवार गहरे सदमे में हैं।
थाने पर जमे रहे छात्रों के पिता
तीनों छात्रों की गिरफ्तारी के बाद उनके परिवार वालों के माथे पर शिकन है। आवास विकास के रिषभ और शिवम को तो पहले ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया शाम को आदर्श नगर निवासी अंकित को भी हिरासत में ले लिया गया। तीनों छात्रों के पिता सिविल लाइंस थाने के बाहर माथे पर शिकन लिए जमे रहे। उनके सपनों को एक ही वारदात ने पलीता लगा दिया।
यह नामुमकिन है। छह दिन तक किसी भी लड़की के प्राइवेट पार्ट में इतनी चीजें नहीं रह सकतीं। लड़की को इंफेक्शन हो सकता है। उसकी जान जा सकती है। उसके प्राइवेट पार्ट से छह दिन के बाद यह सामान निकले हैं। ऐसा एक दिन के लिए भी संभव नहीं है। मेडिकल साइंस के हिसाब से मुझे यह जानकर हैरानी हो रही है कि ऐसा कैसे संभव हो गया।-डॉ. रुचि गुप्ता, स्त्री रोग विशेषज्ञ
मैने किशोरी का मेडिकल किया है। उसके प्राइवेट पार्ट से पॉलीथिन, लकड़ी का टुकड़ा, प्लास्टिक का ढक्कन, माचिक का रेपर और कपड़ा निकला है। 22 तारीख से किशोरी माहवारी से थी। छह दिन तक यह सामान प्राइवेट पार्ट में नहीं रह सकता। जो सामान निकला है, उस पर खून के निशान भी नहीं हैं। लड़की के प्राइवेट पार्ट पर कोई जख्म भी नहीं है। इस आधार पर मैं कह सकता हूं कि यह प्लांटेड है।
-डॉ. हाकिम सिंह, गायनी सर्जन
मैं खुद हैरत में हूं, ऐसा कैसे संभव है। छह दिन तक प्राइवेट पार्ट में इतनी चीजें पड़ी रहने के बाद भी किशोरी ठीक-ठाक है। उसकी मौत हो सकती थी। वह चल-फिर रही है। उसे बुखार भी नहीं है। कोई इंफेक्शन भी नहीं है। मेडिकल साइंस के लिहाज से देखा जाए, तो उसके प्राइवेट पार्ट में यह सामान कुछ घंटे पहले ही प्लांट किए गए हैं।
-डॉ. हरपाल सिंह, फिजीशियन
पीड़िता के आरोप पर नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी। उसका मेडिकल कराया गया है। उसकी उम्र 14-15 के बीच आई है। मेडिकल रिपोर्ट चौंकाने वाली है। तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पूरे मामले की बारीकी से तफ्तीश होगी। जो भी सच है वह जल्द सामने आएगा।
-बालेंदुभूषण सिंह, प्रभारी एसएसपी