निर्माणाधीन धर्मस्थल को लेकर सात दिन पहले अचौरा बवाल के दौरान पथराव और फायरिंग के कारणों तक पहुंचने के लिए पुलिस अफसर जुट गए हैं। एसएसपी सौमित्र यादव ने इसकी जांच का जिम्मा इंसपेक्टर मुजरिया अरुण कुमार सिंह को सौंपा है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव अचौरा में निर्माणाधीन धर्मस्थल को लेकर सात दिन पहले हुए बवाल के दौरान दोनों पक्ष के कई लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने अपनी ओर से 48 लोगों को नामजद और 60 से अधिक अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट दर्ज की थी। नामजदों में 35 लोगों को पुलिस गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है। अचौरा में हालात तो ठीक हैं लेकिन उपद्रव के कारणों तक पुलिस नहीं पहुंच पाई है।
बवाल की वजह और एक-दूसरे के प्रति दोनों पक्ष के लोगों में गुस्से की वजह का पता लगाने के लिए एसएसपी सोमित्र यादव ने नए सिरे से जांच कराने का फैसला किया है। जांच की जिम्मेदारी इंसपेक्टर मुजरिया अरुण कुमार सिंह को सौंपी गई है। इंसपेक्टर सिंह ने बृहस्पतिवार को कोतवाली पुलिस से संपर्क साध कर पूरे घटनाक्रम को लेकर जानकारी भी की। वह हालात से जुड़े तथ्यों पर भी गौर करेंगे। जांच के बाद ही बवाल की वजह खुलकर सामने आ पाएगी।
कोतवाल को विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश
उझानी। अचौरा के निर्माणाधीन धर्मस्थल पर मालिकाना हक से जुड़ी रिपोर्ट स्थानीय स्तर से तीन दिन भेजी गई थी। पुलिस सूत्रों की मानें तो रिपोर्ट में कई ऐसे बिंदुओं का जिक्र नहीं है जो धर्मस्थल पर 146 की कार्रवाई के लिए प्रभावी साबित हो। कोतवाल देवराज राठी से 145 की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
बवाल की वजह तक पहुंचने के लिए जांच कराई जा रही है। जांच से साफ हो जाएगा कि गलती कौन से पक्ष की थी। इंसपेक्टर मुजरिया को जांच में हरेक बिंदु पर गौर करने का निर्देश दिया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद भी कार्रवाई होगी। - अनिल यादव, एसपी सिटी, बदायूं।