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बढ़ रहीं रेप की घटनाएं, बच्चियां भी महफूज नहीं

Tue, 28 Apr 2015 12:35 AM IST
बदायूं।
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जिले में हर तीसरे दिन रेप की एक घटना हो रही है। दरिंदगी का शिकार किशोरियां और बच्चियां बन रही हैं। 14 अप्रैल को शहर के लालपुल इलाके में डेढ़ साल की बच्ची से दुष्कर्म और 15 अप्रैल को उघैती थाने के एक गांव में सात साल की बच्ची से दुष्कर्म की घटना के बाद साफ हो गया है कि अब बच्चियां भी दरिंदों से महफूज नहीं हैं।
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बच्चियों और किशोरियों के साथ दुष्कर्म के बढ़ते मामलों ने जन सामान्य को सोचने पर मजबूर कर दिया है। रेप की घटनाओं की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए भी पीड़ितों को जद्दोजहद करनी पड़ती है। लालपुल इलाके और उघैती के एक गांव में बच्चियों से दुष्कर्म की घटनाओं के बाद भी सिलसिला थमा नहीं। 22 अप्रैल को दातागंज के एक गांव में किशोरी से दुष्कर्म हुआ। इसकी रिपोर्ट तीन दिन के बाद दर्ज हो सकी। कानूनी कार्रवाई करके पुलिस इतिश्री कर लेती है। बाद में पीड़िता को न्याय के लिए कोर्ट के चक्कर लगाने होते हैं। रेप का शिकार पीड़िताओं के लिए जिले में काउंसलिंग और पुनर्वास की भी कोई व्यवस्था नहीं है। बच्चियों और किशोरियों से दुष्कर्म के बढ़ते मामलों को लेकर समाजशास्त्री भी चिंतित हैं। समाजशास्त्री संतोष सिंह कह मानें तो समाज में विकृत मानसिकता वाले लोगों की पहचान जरूरी हो गई है।
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शर्मशार करने वाली रेप की घटनाएं
31 दिसंबर 2014- मूसाझाग थाने में नाबालिग से दो सिपाहियों ने रेप किया।
2 जनवरी 2015- दातागंज के एक गांव में 14 साल की बच्ची से गांव के ही युवक ने रेप किया।
15 जनवरी 2015- उसहैत थाने के एक गांव में 15 साल की बच्ची से रेप की घटना।
17 फरवरी 2015- कादरचौक थाने के एक गांव में 12 साल की बच्ची से रेप हुआ।
21 फरवरी 2015- मुजरिया थाने के एक गांव में नौ साल की बच्ची के साथ रेप हुआ।
3 मार्च 2015- इस्लामनगर के एक गांव में किशोरी से दुष्कर्म।
14 अप्रैल 2015- शहर के लालपुल इलाके में डेढ़ साल की बच्ची से रेप।
15 अप्रैल 2015- उघैती थाने के एक गांव में सात साल की बच्ची से रेप।
22 अप्रैल 2015- दातागंज थाने के एक गांव में किशोरी से रेप।

मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बच्ची दलित परिवार की है। आरोपी के खिलाफ एससीएसटी एक्ट भी लगाई गई है। -अनिल यादव, एसपी सिटी
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