उझानी थाना परिसर में छात्रा को छत से फेंकने वाले सिपाही गौरव टाइटलर को बर्खास्त करने के साथ ही लाइन हाजिर किए गए कोतवाल रामसूरत को सस्पेंड कर दिया गया है। इस सनसनीखेज मामले की जांच को उझानी पहुंचे आईजी जोन विजय सिंह मीना ने रविवार को पत्रकारों को यह जानकारी दी। उनके साथ पहुंची फॉरेंसिक टीम ने मौका-मुआयना भी किया। उझानी कोतवाली के आसपास के दुकानदारों से बातचीत करने के बाद आईजी ने उस दिन ड्यूटी पर तैनात डे अफसर मनोज कुमार त्यागी और मुंशी समेत चार पुलिस कर्मियों से अलग-अलग पूछताछ की। आईजी ने बताया कि डे-अफसर समेत कुछ और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सूची बनाई जा रही है। आईजी ने माना कि छात्रा का सिपाही के क्वार्टर पर आना-जाना रहता था और उझानी कोतवाल को इसकी जानकारी थी।
रविवार को आईजी ने उझानी कोतवाली पहुंच कर एसएसपी समेत अन्य अफसरों के साथ सबसे पहले गौरव टाइटलर के क्वार्टर का रुख किया। छत पर उन्होंने वह स्थान देखा जहां गुरुवार की शाम छात्रा बेहोशी की हालत में पड़ी मिली थी। आसपास के दुकानदारों से बातचीत की। इसके बाद गौरव के क्वार्टर का सीलबंद ताला तुड़वाया। मीना ने नवनियुक्त कोतवाल से केस से जुडे़ अभिलेखों में छात्रा की मां की ओर से पहले दर्ज कराई गई रिपोर्ट और विवेचना में सिपाही को शामिल किए जाने के रिकार्ड की फोटो प्रतियां लीं। आईजी ने कहा कि पीड़ित छात्रा घटनाक्रम के बारे में जो भी कहेगी उसके आधार पर नई धाराओं को भी केस में शामिल कर लिया जाएगा।
गुरुवार शाम एक छात्रा उझानी कोतवाली के पास बेहोश मिली थी। छात्रा को इलाज के लिए बरेली ले जाया गया था। छात्रा की मां की ओर से अपने दो देवरों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया था। शनिवार को होश में आने पर छात्रा ने बताया कि गौरव टाइटलर ने उसे छत से फेंका था। इसके बाद डीआईजी आरकेएस राठौर के आदेश पर सिपाही के खिलाफ हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज कर उसे निलंबित कर दिया गया था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया।