हादसों को न्योता दे रही सड़कों पर फैली मक्का
पुलिस और पीडब्ल्यूडी के अफसर मौन, राहगीर परेशान
कुछ मक्कार काश्तकारों की करतूत देखिए कि उन्हें राहगीरों की जान की भी परवाह नहीं। सड़क को परौटी बनाकर जब चाहे जिस ओर सुखाने के लिए मक्का फैला देते हैं। सुखाने के नाम पर राहगीरों की जिंदगी से खिलवाड़ की भनक पर भी न तो पुलिस ने शिकंजा कसने की कोशिश की और न ही पीडब्ल्यूडी ने गौर किया।
सड़क पर फैली मक्का को लेकर सर्वाधिक दिक्कत उझानी-बिल्सी रोड पर है। रास्ते से जुड़े गांव पाल का नगला, संजरपुर, सिरासौल और रोहान आदि के आसपास सड़क पर फैली मक्का के सिवाय कुछ और नजर नहीं आता। मक्का सुखाने के लिए उन्होंने सड़क के ज्यादातर हिस्से को घेर रखा है। यही नहीं, राहगीरों के विरोध करने पर उनके साथ अभद्रता करने से भी लोग बाज नहीं आते। पाल का नगला के पास मंगलवार के लिए बिल्सी के गांव जहानाबाद निवासी राजेश्वर को भी अभद्रता का शिकार होना पड़ गया।
सूत्रों की मानें तो उझानी-बिल्सी रोड पर तो मक्का सुखाने के लिए किसानों ने सड़क को बाकायदा बांट रखा है। कमोवेश ऐसा नजारा बरेली-मथुरा हाइवे पर पुराने करुआ पुल के पास देखने को मिला। पुराने पुल पर हालांकि आवाजाही नहीं है, लेकिन किसानों ने मक्का फैलाने का क्षेत्र थोड़ा आगे-पीछे किया तो बाइक सवारों की जान मुसीबत में पड़ जाएगी। ऐसा भी नहीं कि लोगों ने इसकी शिकायत पुलिस और पीडब्ल्यूडी के अफसरों से न की हो, लेकिन कोई गौर नहीं करता।
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घायल हो चुुके हैं कई राहगीर
उझानी। सड़क पर फैली मक्का की चपेट में तीन दिन पहले बिल्सी क्षेत्र के गांव अकौली निवासी सत्यवीर सिंह, राशिद और टिंका आए थे। सत्यवीर की हालत तो अभी भी नाजुक बनी हुई है। इससे पहले बमनौसी निवासी रामपाल और हरीओम भी मक्का पर बाइक फिसल जाने से घायल हो गए थे। अगर ऐसा ही हाल रहा आने वाले दिनों में कोई बड़ा हादसा भी सकता है।
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मामला उनके संज्ञान में नहीं है। वह आज ही संबंधित थानों की पुलिस से बात कर सड़क पर फैली मक्का के बारे में जानकारी हासिल करेंगे। पुलिस को निर्देशित किया जाएगा कि सड़क पर, जहां भी मक्का फैली मिले उसके मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
- जंगबहादुर यादव, एसडीएम सदर।