पांच दिन पहले लापता हुए पति पत्नी में पति तो बरेली में मिल गया है, लेकिन उसकी पत्नी का अब तक कोई सुराग नहीं है। कादरचौक थाने के गांव मोहम्मदगंज निवासी दंपति 19 मई को शादी की दावत देने अपने गांव से पंजाब के लुधियाना के लिए निकले थे। सोमवार को पति बरेली के सुभाष नगर थाना क्षेत्र में बेहोशी की हालत में एक नाले के पास पड़ा मिला। खबर मिलने पर परिवार वाले वहां पहुंचे और उसे अपने साथ ले आए।
कादरचौक थाने के गांव मोहम्मदगंज निवासी अर्जुन की शादी करीब चार साल पहले शाहजहांपुर के थाना परौर अंतर्गत गांव कुड़रिया से हुई थी। उसके ससुराली अब पंजाब के लुधियाना में रहते हैं। अर्जुन की बहन की 30 मई को बारात आनी है। वह अपनी पत्नी ऊषा (23) के साथ 19 मई को गांव से लुधियाना के लिए निकला था। इसके बाद वह लापता हो गया। उसका फोन भी बंद हो गया। पिता सूरजपाल ने कादरचौक थाने में गुमशुदगी दर्ज कराने को तहरीर दी थी।
बकौल अर्जुन शाम को चार बजे वह प्राइवेट बस से बरेली पहुंचा। यहां से बरेली जंक्शन जाने के लिए वह अपनी पत्नी के साथ एक टैंपो में सवार हुआ। टैंपो में दो लोग पहले से सवार थे। रास्ते में इन लोगों ने इसको नशा दे दिया। इसके बाद क्या हुआ उसे नहीं पता। सोमवार को जब उसे होश आया तो वह नाले के पास पड़ा था। उसने एक राहगीर से फोन लेकर अपने बहनोई को फोन किया। इसके बाद परिवार वाले बरेली पहुंचे। वह अर्जुन को लेकर अपने साथ बदायूं आ गए।
कुछ तो है राज, जो छिपा रहा अर्जुन
बदायूं। अर्जुन पांच दिन तक गायब रहा। उसका कहना है कि उसे कुछ नहीं पता। सोमवार को जब उसे होश आया तो वह बरेली में नाले के पास पड़ा था। पांच दिन तक वह कहां रहा उसे नहीं पता। अपनी पत्नी ऊषा के बारे में भी उसको पता नहीं है। बकौल अर्जुन उसे सिर्फ इतना याद है कि टैंपो में सवार दो लोगों ने उसे और उसकी पत्नी को नशा सुंघा दिया था। इसके बाद क्या हुआ उसे नहीं पता। गौर करने वाली बात यह है कि पांच दिन तक अगर वह बेहोश रहा। उसने कुछ खाया-पिया भी नहीं तो उसकी हालात इतना सामान्य कैसे थी। उसके पास सामान तो कोई नहीं था, लेकिन जेब में एक फोटो था जो जिसमें वह अपनी पत्नी ऊषा के साथ है।