न्यायालय विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट शैलेश्वर नाथ सिंह ने हत्या के मामले में नामजद आरोपियों को उम्रकैद सहित 11 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर आरोपी अतिरिक्त सजा भुगतेंगे।
घटना थाना गुन्नौर क्षेत्र के गांव अकबरपुर की है। एक मार्च 2010 को वादी नत्थू पुत्र यादराम ने थाना गुन्नौर पर तहरीर दी कि उसके गांव के मानिक चंद्र पुत्र मटरू ने वादी के भाई छोटे और भतीजे केदारी को मुखबिरी के शक में अपने भाई लालाराम और तेजपाल के साथ चेतावनी दी की अंजाम भुगतने को कहा था। इसी के चलते एक मार्च 2010 को वादी का भाई छोटे और भतीजा केदारी होली खेलकर अपने खेतों की तरफ जा रहे थे तभी शाम के समय गंगा भवन के सामने आए तो सामने से मानिक चंद्र ने हाथ में लिए नाजायज रायफल और उसके पुत्र हरभजन ने तमंचे से भाई छोटे तथा भतीजे केदारी को फायर कर घायल कर दिया। नौ मार्च 2010 को छोटेलाल की अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में मृत्यु हो गई। जज श्री सिंह ने पत्रावली का अवलोकन एवं अभियोजन पक्ष की ओर से रईस अहमद, एडीजीसी एवं बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी मानिक चंद्र पुत्र मटरू, राजू पुत्र शिशु पाल, बद्री पुत्र खुशीराम एवं हेमराज पुत्र हरभजन को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद सहित 11-11 हजार रुपये का जुर्माना डाला है।