कछला के ढकनगला गांव में रविवार दोपहर अग्निकांड
कोतवाली क्षेत्र के गांव ढकनगला में रविवार को चूल्हे से उठी चिंगारी ने जमकर कहर बरपाया। आग ने एक-एक करके मकान समेत छह झोपड़ियों को चपेट में ले लिया। चीख-पुकार के बीच मचे कोहराम के दौरान ग्रामीण आग पर काबू पाते उससे पहले ही घरेलू सामान और अनाज राख के ढेर में तब्दील हो गया। बक्से में रखे एक लाख 80 हजार रुपये भी जल गए। आग की वजह से गांव में घंटों तक अफरातफरी का माहौल रहा।
अग्निकांड दोपहर में करीब दो बजे हुआ। ढकनगला में सबसे पहले आग की चिंगारी एक झोपड़ीनुमा मकान से फूटी। झोपड़ी में उस वक्त चूल्हा जल रहा था। चिंगारी ने सबसे पहले भूदेव के घर को चपेट में लिया। भूदेव के घर में बक्से में 1.80 लाख रुपये भी रखे थे। कमरे के साथ ही बक्से में भी आग पहुंच गई। लोग आग पर काबू पाते उससे पहले ही वीरपाल, किशनलाल, इंद्रपाल, रामपाल, जसवीर के झोपड़ीनुमा घर भी आग की चपेट में आ गए। लोगों ने करीब एक-डेढ़ घंटा की मशक्कत के बाद आग पा काबू तो पा लिया लेकिन तब तक सभी झोपड़ियों और घरों में रखा सामान स्वाहा हो चुका था।
सर्वाधिक नुकसान की चपेट में आए भूदेव ने आग बुझने के बाद कमरे से बक्से को बाहर निकाल कर खोला तो उसके अंदर रखे रुपयों में से ऐसा कोई नोट नहीं बचा जो पूरा या फिर अधजला न हो। भूदेव ने तीन दिन पहले ही गेहूं समेत मसूर बेची थी। उसके घर में एक बच्चा भी झुलसने से बच गया। झोपड़ियों में बंधे पशुओं का रस्सी काट कर भगाना पड़ा। तीन साईकिल और दो डनलप भी जल गए। अग्नि पीड़ित जसवीर ने बताया कि जिस वक्त आग लगी उसी दौरान हवा भी चल पड़ी थी। इसलिए आग बुझाने में ज्यादा दिक्कत हुई।
नुकसान का आंकलन करने को पहुंचे राजस्व कर्मी
उझानी। ढकनगला में आग लगने के दौरान मकान मालिक भूदेव समेत छह लोगों को हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए राजस्व कर्मी भी मौके पर पहुंच गए। राजस्व कर्मियों ने सभी झोपड़ियों समेत भूदेव के घर का मुआयना भी किया। सूचना के बाद कछला चौकी से पुलिस कर्मी भी मौके पर पहुंचे। पुलिस कर्मियों ने भी अग्नि पीड़ितों से हादसे के बारे में जानकारी हासिल की।