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...काश! बेटी को साथ ले आता, तो वह जिंदा होती

Wed, 06 Apr 2016 11:46 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
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हत्या - फोटो : अमर उजाला
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एक दिन पहले गाजियाबाद स्थित बेटी के घर गए थे हीरा लाल
सांसद के फोन ने बेदम सा कर दिया हीरालाल को, फिर नहीं उठाया फोन
पड़ोसी को फोन कर पता कराया बेटी का हाल, मौत की सूचना से रह गए अवाक 
 करीब डेढ़ साल पहले अपनी एकलौती बिटिया को हेलीकाप्टर से विदा करने वाले बसपा नेता व पूर्व राज्यमंत्री हीरालाल को नहीं पता था कि बड़े अरमानों के साथ जिस लाड़ली को गाजियाबाद के बसपा सांसद नरेंद्र कश्यप के बेटे सागर के साथ ब्याह रहे हैं, वहां से उसकी मौत की खबर आएगी। बुधवार को बिटिया के सिर में गोली लगने से हुई मौत की सूचना पर वह बदहवास से हो गए। तत्काल ही गाजियाबाद के लिए परिवार के साथ रवाना हो गए। जाते वक्त उन्होंने भरे गले से यही कहा...काश! बेटी को साथ ले आता, तो वह जिंदा होती। दहेज लोभियों ने उसे मार डाला। वह उन्हें बख्शेंगे नहीं। 
हीरा लाल कश्यप की पुत्री हिमानी के ससुर बसपा सांसद नरेंद्र कश्यप हर साल गाजियाबाद में कश्यप ऋषि की जयंती पर बड़ा कार्यक्रम कराते हैं। हीरालाल भी अपने समर्थकों के साथ इसमें शामिल होने गए थे। वह अपनी बेटी से भी मिलने पहुंचे थे। उस समय उनको क्या पता था कि अगले दिन उनकी बेटी की मौत की खबर मिलेगी। जब बेटी ने उनके साथ चलने की जिद की तो उस वक्त वह समझा आए थे कि अभी उनके साथ तमाम लोग हैं। एक-दो दिन में उसकी मम्मी और छोटे भाई को भेजकर बुलवा लेंगे। बताते चलें कि शहर के मोहल्ला ब्राह्मपूर निवासी हीरालाल कश्यप जब बसपा में आए, तो अपनी निष्ठा से उन्होंने सपा सुप्रीमो पर अपना प्रभाव छोड़ा। उन्हें आवास विकास का चेयरमैन बनाकर बसपा सरकार में सपा सुप्रीमो ने लाल बत्ती भी दिला दी। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व उन्होंने अपनी एकलौती बेटी हिमानी कश्यप का विवाह बसपा के राज्यसभा सदस्य कविनगर, गाजियाबाद निवासी नरेंद्र कश्यप के पुत्र डॉ. सागर कश्यप के साथ किया था। बड़े अरमानों के साथ बेटी की विदा हेलीकाप्टर से कर शादी को यादगार बना दिया था। 
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पुत्री की मौत पर टूटे हीरालाल कश्यप ने गाजियाबाद जाते समय बताया कि उनको उनके समधी सांसद नरेंद्र कश्यप ने दोपहर में फोन कर बताया कि उनकी बेटी को गोली लग गई है। गोली कैसे लग गई? तो उन्होंने फोन काट दिया। जब दोबारा उन्होंने फोन किया तो सांसद ने फोन ही नहीं उठाया। बाद में उन्होंने पड़ोस के पन्ना लाल को फोन किया, तो उन्होंने बताया कि उनकी बेटी मरी पड़ी है। इसके बाद वह परिवार के लोगों के साथ गाजियाबाद बेटी की ससुराल को रवाना हो गए। उन्होंने बताया कि उनके दामाद और बेटी के सास, ससुर समेत परिवार के सभी लोग उनसे फॉर्च्युनर कार की मांग कर रहे थे। इसके लिए उसकी बेटी के साथ मारपीट भी करते थे। 15 दिन पहले उसकी बेटी को ऐसे पीटा था कि उसका एक कान का पर्दा तक सूज गया। 
दस दिन पहले मायके आई थी हिमानी 
बदायूं। परिवार के सूत्र बताते हैं कि एक बच्चे की मां बन चुकी हिमानी पिछले कुछ महीनों से बेहद परेशान रहती थी। उसने अपने मम्मी-पापा से ससुराल में ढाए जा रहे जुल्म की कहानी भी सुनाई। तब हीरालाल ने कुछ समय बाद उनको गाड़ी देने की हामी भी भर दी थी। हीरालाल की समधिन देवेंद्री ने तो यहां तक कहा कि उन पर कमी क्या है। गाड़ी देने में देरी क्यों, दामाद बोलता था कि उसे पापा की गाड़ी ले जानी पड़ती है। इन सब बातों के बीच हिमानी का कलेजा कांपता रहता था। 25 मार्च को जब उसे ससुराल भेजे जाने की बात चली, तो रोते हुए मां से कहा कि वह ससुराल नहीं जाएगी। बाद में घर परिवार वालों ने समझा-बुझाकर उसे ससुराल भेज दिया था। 
बेटी की हत्या हुई है, किसी को नहीं छोडूंगा
बदायूं। बेटी की मौत के बाद से हीरालाल कश्यप टूट से गए हैं। उनका कहना है कि बेटी को दहेज के लिए मार दिया गया। इसके लिए दामाद डॉ. सागर कश्यप, उसके पिता सांसद नरेंद्र कश्यप, मां देवेंद्री, भाई सिद्धार्थ, बहन सरिता और शोभा, समधी के भाई प्रमोद कश्यप, उनका भतीजा दीपक सभी दोषी हैं। ये सभी गाड़ी के लिए जोर दे रहे थे। इन सभी के खिलाफ रिपोर्ट लिखाऊंगा, किसी को नहीं छोडूंगा।
हिमानी कर रही थी आईएएस की तैयारी
बदायूं। थ्रोआउट फर्स्ट क्लास हिमानी ने हाल ही में बीएड किया था। पिता हीरालाल ने बताया कि आत्महत्या का सवाल नहीं जो बच्ची पढ़ाई में लगी रहती थी, उसे इन बातों से कोई मतलब नहीं था। बीएड में उसके 72 प्रतिशत नंबर थे। अब वह आईएएस की तैयारी कर रही थी। लोभियों ने उसकी होनहार बेटी को मौत के घाट उतार दिया। 
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बुलंदशहर में बेहोश हुए हीरालाल
बदायूं। बच्ची की मौत का गम ने हीरालाल को झकझोर कर रख दिया है। अपनी बेटी की मौत की खबर पर जब वह परिवार के साथ गाजियाबाद जा रहे थे, तो रास्ते में गश खाकर बेहोश हो गए। परिवार के लोगों ने बुलंदशहर में उनको एक निजी चिकित्सक के यहां दिखाया। तब उन्हें होश आया। वह इतने बदहवास है कि बार-बार पुत्री की याद कर होश खो रहे हैं।
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