सीने में दर्द होने पर बरेली इलाज के लिए जाते समय जाम में फंसने के कारण एक व्यक्ति ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। रोते-बिलखते परिवार वाले शव लेकर घर लौट आए। गांव करेंगी निवासी खेमपाल सिंह (43) पुत्र छत्रपाल सिंह की मंगलवार को देर शाम तबीयत खराब हुई। सीने में दर्द बढने के कारण उनकी बेचैनी बढ़ती गई। हालत बिगडने पर परिवार वाले खेमपाल को गाड़ी से लेकर बरेली के लिए चल दिए। बताते हैं कि जब उनकी गाड़ी बदायूं-बरेली रोड पर गांव देवचरा पर पहुंची, तो सड़क का निर्माण होने के कारण दो किलोमीर लंबा जाम लगा था। पूरे रोड को जाम कर एक तरफ से वाहनों को निकाला जा रहा था।
इधर, खेमपाल की तबीयत और बिगड़ने लगी। चूंकि जाम लगा था। भतीजे रीतेश ने गाड़ी से उतरकर जाम में फंसी गाडिय़ों को आगे बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। अभी गाड़ी थोड़ी ही आगे बढ़ पाई थी कि खेमपाल जोर-जोर से सांसें लेने लगे। परिवार वाले रोड खाली करने को लेकर चिल्लाने लगे, लेकिन लंबा जाम होने के कारण उनकी एक न चली। खेमपाल ने गाड़ी में ही दम तोड़ दिया। लाचार परिवार जाम मेें से जैसे-तैसे बाहर निकला। रोते-बिलखते परिवार वाले खेमपाल के शव को लेकर वापस घर आ गए। जाम को लेकर लोगों में भारी रोष है।
...और उठ गया पिता का साया
बिसौली। खेमपाल की टूटती सांसेें, पूरे परिवार का सहायता के लिए चीखना। फि र असहाय होकर बैठना। जाम में फंसे वह तीस मिनट, पूरे परिवार के जेहन में सिहरन पैदा कर रहे हैं। जाम ने बेबीरानी का सुहाग छीन लिया, तो तीन बेटे- बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया है।
मुख्यमंत्री को भेजा फैक्स
चाचा की मौत से आहत रीतेश ने मुख्यमंत्री से पूरी व्यवस्था को लेकर एक फैक्स भेजा है। उन्होंने अपने चाचा की मौत के लिए सिस्टम को दोषी बताया है। मुख्यमंत्री से जाम लगने के कारण और दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है। इसके साथ ही मुआवजे दिलाए जाने का अनुरोध किया है।