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दुकान में बंद मिले नौकर पर पसोपेश बरकरार

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बुधवार शाम सेलफोन कंपनी के रिटेलर एजेंट की दुकान में बंधक बने मिले नौकर के मामले में दूसरे दिन भी पर्दा पड़ा रहा। युवक को दुकान में बांध कर डालने के बाद बाहर से ताला किसने डाला और उसे प्रताड़ित करने के पीछे मंशा क्या थी? यह तो पुलिस जांच करे तभी साफ हो पाएगा, ऐसे में पूरे घटनाक्रम पर पसोपेश बरकरार है।
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नगर में लिंक रोड स्थित गौरब छाबड़ा की दुकान में बंद पड़े नौकर मोहल्ला अयोध्यागंज निवासी 17 वर्षीय विवेक को पुलिस ने शटर का ताला तोड़कर बाहर निकाला था। मोहल्ले वालों ने पुलिस को बुलाया था। विवेक के घरवाले भी हालांकि देर रात ही कोतवाली पहुंच गए, लेकिन डरा-सहमा विवेक उन्हें भी कुछ खास नहीं बता पाया। विवेक का न तो दुकान मालिक से कोई झगड़ा है और न ही साथी कर्मियों से ऐसी कोई बात, जो उसे इस तरह की घटना का सामना करना पड़ता।
सूत्रों की मानें तो विवेक को किसी ने अपना हित साधने के लिए मोहरा के रूप में इस्तेमाल करने की चाल चली थी। चाल के पीछे उसकी मंशा अभी सामने नहीं आ पाई है, लेकिन लोग तमाम तरह की बातें कर रहे हैं। इधर, कोतवाल देवराज राठी ने बताया कि दुकान मालिक से अभी बात नहीं हुई है। सच्चाई का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
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विवेक के मुंह पर लगा था टेप
उझानी। गौरव छाबड़ा का नौकर विवेक करीब डेढ़ घंटा तक दुकान के अंदर बंधक रहा था। पुलिस ने ताला तोड़कर जिस वक्त उसे बाहर निकाला, तब उसके मुंह पर टेप चिपका था। सवाल यह भी उठता है कि जिन लोगों ने उसे बंधक बनाकर दुकान के अंदर डाल दिया, क्या भी साथ में ताला भी लाए थे। जबकि ताला दुकान का ही निकला है। इस सवाल ने पुलिस को भी सोचने के लिए मजबूर कर दिया है।
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