साजिश के आरोप में पुलिस ने गब्बर और प्रेमपाल के खिलाफ 120बी के तहत कार्रवाई की है। तीनों शूटर अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, लेकिन साजिश रचने वाले गब्बर ने तीसरे शूटर का नाम और पते की जानकारी होने से इंकार कर दिया। बता दें कि जुगेंद्र की हत्या में मृतक के बेटे योगेश ने पिंकी गुप्ता और कमल को नामजद कराया था। पिंकी को पुलिस गिरफ्तार करके पहले ही जेल भेज चुकी है। हत्याकांड को लेकर मृतक के घरवालों समेत आसपास के ग्रामीणों ने उस वक्त हंगामा भी किया था।
वादी ने जताया पुलिस पर अविश्वास
उझानी। मृतक जुगेंद्र यादव के बेटे योगेश की मानें तो उन्हें पुलिस की जांच पर अभी तक विश्वास नहीं हो पा रहा है। योगेश से तीन दिन पहले एसओजी ने संपर्क साधकर घटनाक्रम में कुछ ऐसी बातें बताईं जो अब तक सामने नहीं आईं। पुलिस ने अपने स्तर से जो कार्रवाई की है, वह इसे लेकर अपने कानूनी सलाहकार से मशविरा करेगा। उसके बाद ही वह अपना पक्ष रखेगा।
पुलिस ने जुगेंद्र हत्याकांड में अब तक कई पहलुओं पर जांच की। यहां तक कि आरोपी समेत मृतक के सेलफोन भी सर्विलांस के जरिए कॉल डिटेल भी हासिल की गई। जांच में नामजदगी पर ही सवाल उठे थे। सच्चाई सामने आ चुकी है। फरार तीनों शूटरों को भी जल्द ही दबोच लिया जाएगा।
- गोपीचंद्र यादव, कोतवाल।