महिला को अगवा कर बेशकीमती जमीन का जबरन बैनामा कराने के मामले में पुलिस ने सिर्फ पांच दिन में जांच पूरी कर ली। जांच के बाद विधायक और उनके रिश्तेदारों के खिलाफ इस मामले में फाइनल रिपोर्ट भी लगा दी गई। मामले में सहसवान के सब रजिस्ट्रार भी आरोपी थे। विधायक और उनके रिश्तेदारों के खिलाफ यह मुकदमा कोर्ट के आदेश पर सहसवान कोतवाली में दर्ज हुआ था।
भोगाजीत नगरिया की मालवती के भांजे बनवारी ने आरोप लगाया था कि उनकी मामी को 17 जून को सहसवान के विधायक ओमकार सिंह ने तीन अन्य लोगों के साथ अगवा कर लिया था। इसके बाद मालवती की बेशकीमती जमीन का जबरन बैनामा करा लिया। इस जमीन पर विधायक के रिश्तेदारों की नजर थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो बनवारी ने कोर्ट में परिवार दाखिल किया। इस पर सीजेएम ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने का आदेश सहसवान पुलिस को दिया। छह नवंबर को पुलिस ने विधायक समेत सहसवान के सब रजिस्ट्रार विमल कुमार शुक्ला समेत जमुना सिंह, गिरधारी और जोगेंद्र सिंह के खिलाफ छह नवंबर को मुकदमा दर्ज कर लिया।
गौर करने वाली बात यह कि इस मामले में पुलिस ने सिर्फ चार दिन में जांच पूरी कर ली। छह नवंबर को दर्ज किए गए मुकदमे में 11 नवंबर के लिए फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई। इस मामले में इंस्पेक्टर सहसवान का कहना है कि पूरा मामला फर्जी पाया गया है। विवेचना में पाया गया कि मालवती ने ही जमीन का बैनामा किया था।