स्पेशल जज एससी एसटी एक्ट पंकज कुमार अग्रवाल ने जानलेवा हमले में नामजद आरोपी पिता-पुत्रों समेत चार को दोषी करार देते हुए 10-10 साल की कड़ी कैद की सजा सुनाई है और दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है। यह घटना थाना उझानी के गांव नगला तैययदपुर में 24 अक्तूबर 2014 को हुई थी। यहां के गुलजारी पुत्र लाखन ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके लड़के मुकेश की गांव के ही दुर्गेश के पुत्र से मारपीट हो गई। मारपीट होने पर दूसरे पक्ष के सभी लोगों ने गुलजारी के घर हमला कर दिया था। गांव वाले के समझाने पर वापस चले गए थे। घटना वाली रात 11 बजे उसका लड़का मुकेश लघुशंका के लिए घर से बाहर निकला। तभी उसे कल्लू और दुर्गेश पुत्रगण साधू, अवनेश पुत्र आराम सिंह, साधू पुत्र होरी निवासी तैययदपुर ने पकड़ लिया और मिटटी का तेल छिड़ककर आग लगा दी। इससे वह बुरी तरह जल गया। चीख पुकार पर सभी लोग बाहर आए। ललकारने पर आरोपी गालीगलौज करते हुए भाग गए। न्यायाधीश पंकज कुमार अग्रवाल ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी रईस अहमद और बचाव पक्ष के वकील की बहस सुनने के बाद जानलेवा हमले में नामजद कल्लू, दुर्गेश, साधू और अवनेश को दोषी करार देते हुए सभी को 10-10 साल की सजा सुनाई। साथ ही सभी पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना डाला है।