जिले में बुखार से मौतों का सिलसिला जारी है। 24 घंटे में एक किशोरी समेत चार लोगों ने बुखार से दम तोड़ दिया। दर्जनों लोग बुखार से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग की तमाम कोशिशों के बावजूद स्थिति पर काबू नहीं हो रहा। इसकी वजह गांवों में लगे गंदगी के ढेर हैं।
उझानी। नगर में बुखार से दो लोगों ने दम तोड़ दिया। मोहल्ला नझियाई के राजू (18) पुत्र हसीन को कई दिन से बुखार आ रहा था। शुक्रवार को परिवार वालों ने उसे बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराया। वहां राजू की मौत हो गई। इधर, मोहल्ला गद्दीटोला में अनवार की 16 वर्षीय बेटी निक्की की बुखार से मौत हो गई। दोनों मोहल्लों में दर्जनों लोग बुखार से पीड़ित हैं।
ककराला। कादरचौक ब्लाक के गांव बेहटा डंबरनगर निवासी फिकायत अंसारी (45) पुत्र सखावत को कई दिन से बुखार आ रहा था। वह गांव में ही इलाज करा रहा था। शनिवार रात किफायत की मौत हो गई। उसके घर में कोहराम है। गांव में दो दर्जन से ज्यादा लोग बुखार से पीड़ित हैं। गांव के महेश, पूरन, महेंद्र, रामऔतार, वीरेंद्र, नरेश, मंगली, मुन्ने आदि का कहना है कि कई महीने से गांव में सफाई कर्मचारी नहीं आया है। इससे गांव में बीमारियों का प्रकोप है।
इस्लामनगर। क्षेत्र के गांव अल्लहपुर में रामप्रकाश (45) पुत्र रमेश गुप्ता की बुखार से मौत हो गई। गांव में एक दर्जन से ज्यादा लोग बुखार से पीड़ित हैं। गांव वालों का आरोप है कि सफाई कर्मचारी कभी कभार आता है। इससे गांव में गंदगी के ढेर लगे हैं। मच्छरों के प्रकोप की वजह से संक्रामक बीमारियां फैल रही हैं।
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हेल्थ टीमों के काम की जांच करेंगे सीएमओ
बदायूं। जिले में संक्रामक रोगों पर काबू के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 19 टीमों को लगाया है। इसके बावजूद बुखार से मौतों का सिलसिला जारी है। स्वास्थ्य विभाग बार-बार सफाई व्यवस्था पर उंगली उठा रहा है, लेकिन सफाई व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही।
जिले में बुखार से मौतों का आंकड़ा 60 के पार हो गया है। सबसे ज्यादा मौतें जगत ब्लाक में हुई हैं। गांवों में गंदगी मिलने पर अब तक सिर्फ चार सफाई कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग बार-बार डीपीआरओ को पत्र भेजकर सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने के लिए कह रहा है। सीएमओ डॉ. आरडी तिवारी ने इस संबंध में डीएम शंभूनाथ से भी बात की है।