बीते 24 घंटे के अंदर तेज बुखार से जिले में पिता-पुत्र समेत पांच लोगों की मौत हो गई। दातागंज क्षेत्र में महज दो घंटे के अंतराल से पिता-पुत्र की मौत हो जाने से गांव में कोहराम मचा हुआ है। गांव में और भी कई लोग बीमार हैं। लोग दहशत में हैं। इतनी मौतों के बाद भी स्वास्थ्य विभाग लापरवाह बना हुआ है।
दातागंज। तहसील क्षेत्र के गांव बुझिया निवासी 45 वर्षीय तोती राम और उनके बेटे- रामप्रकाश, नन्हें, श्रीपाल, बेटी शतानु और पत्नी गौरा को कई दिनों से तेज बुखार था। सभी के पैरों में सूजन भी थी। तोतीराम निजी डॉक्टर से दवा ले रहे थे। रविवार को सुबह जब तोतीराम और बेेटे रामप्रकाश की हालात ज्यादा बिगड़ गई तो परिजन उन्हें बदायूं जिला अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने दोनों की हालत नाजुक देखी तो उन्होंने मेडिकल कॉलेज ले जाने को कहा। इसी बीच रविवार को करीब सुबह पांच बजे रामप्रकाश ने दम तोड़ दिया। उसकी मौत के बाद घर वाले तोतीराम को बाहर ले जाने की तैयारी कर रहे थे कि अस्पताल के गेट पर पहुंचते ही तोताराम की भी मौत हो गई। लगभग दो घंटे के अंतराल में पिता-पुत्र की मौत हो जाने से परिवार में कोहराम मच गया। उनके साथ गांव के कुछ और भी लोग थे। बाकी बीमार लोगों का अभी भी निजी डॉक्टर का इलाज चल रहा है। तेज बुखार से दो लोगों की मौत से गांव वाले भी बेहद चिंतित हैं। गांव में और भी तमाम लोग बीमार हैं।
मूसाझाग। विकासखंड जगत क्षेत्र के गांव रायपुर निवासी राजाराम की पत्नी त्रिवेणी को चार दिन से बुखार आ रहा था। परिजन नाजुक हालत होने पर उन्हें इलाज को शनिवार रात बरेली के निजी अस्पताल ले गए, जहां उनकी मौत हो गई। रायपुर गांव में और भी कई लोग बीमार हैं।
उझानी। कछला क्षेत्र में बुखार के प्रकोप से मरीजों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गांव पिपरौल निवासी शान मोहम्मद की 25 वर्षीय पत्नी चांदनी को तीन दिन पहले बुखार आया तो घरवाले उन्हें लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे थे। अगले दिन हालत में थोड़ा सुधार भी हुआ लेकिन शाम को फिर हालत बिगड़ गई। देर शाम उसकी मौत हो गई। बता दें कि कछला और पड़ोस के गांव सरौता, चंदनपुर, बक्सर और रफानीनगला में बुखार से अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत स्वास्थ्य महकमा के अफसरों से भी की थी लेकिन कछला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर को स्थायी रूप से तैनात नहीं किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से डॉ. आरके गंगवार को अटैच कर दिया गया लेकिन उन पर बुटला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की भी जिम्मेदारी है।
कुंवरगांव। तेज बुखार की चपेट में आने से गांव अहरुइय्या निवासी 42 वर्षीय ठाकुर दास की मौत हो गई। उन्हें चार दिन पहले तेज बुखार आया था। दिल्ली में इलाज कराया, वहां से लौटने के बाद परिजन रविवार को बरेली ले जाने की तैयारी कर रहे थे कि उन्होंने दम तोड़ दिया।