कोर्ट ने इसे धारा 156 (3) आईपीसी के तहत स्वीकार कर लिया। सात जुलाई के अपने आदेश में न्यायमूर्ति थानाध्यक्ष फैजगंज बेहटा को आदेशित किया है कि वह प्रार्थना पत्र में वर्णित घटना के संबंध में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के साथ निर्धारित समय अवधि में न्यायालय को आख्या प्रस्तुत करें। फैजगंज बेहटा थाने को आदेश की प्रति नौ जुलाई को ही भेज दी गई है।
यहां बता दें कि प्यारे लाल गांव सुरैनी पापड़ी के सदस्य हैं। उन्होंने गांव में हुए विकास कार्यों में घोटाला जानने के लिए सूचना के अधिकार को सहारा लिया। लंबी जद्दोजहद के बाद सूचनाएं मिलीं, वे भी आधी-अधूरी। इन सूचनाओं के आधार पर उसे गांव पंचायत में विकास के नाम पर मनरेगा और अन्य मदों से कामों में लाखों रुपये के गोलमाल का पता लगा। इसी को आधार बनाकर और सबूत जुटाकर प्यारे लाल ने न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम बिसौली के यहां परिवाद दायर किया था। इस पर आदेश हो गए हैं। आदेश में कई तत्कालीन अधिकारी और कर्मचारियों के अलावा प्रधान भी शामिल हैं। इनकी संख्या 12 है। रिपोर्ट दर्ज हो जाने के बाद विकास महकमे में खलबली मच गई है।
ये लोग किए गए नामजद
सदस्य ने तत्कालीन डीपीआरओ एके सिंह, तत्कालीन पांच बीडीओ जिनमें रामरक्षपाल सिंह, पीवी सिंह, डीएस गुप्ता, एसजी यादव और जीवी पाठक के अलावा सचिव मुनीश कुमार शाक्य, प्रधान चंद्रपाल, तत्कालीन प्रधान कांती देवी, सचिव विनीत कुमार सक्सेना, रोजगार सेवक अजय पाल सिंह और तकनीकी सहायक नीरज कुमार कुल 12 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश हुए हैं। उस समय के एक बीडीओ इस समय डीआरडीए के परियोजना निदेशक हैं।
ये आरोप लगाए गए
0 एक दिन में दो बार कार्य मस्टरोल पर दिखाकर धन निकाला गया है। नाबालिग बच्चों के निशानी अंगूठा लगवाए गए हैं।
0 कई जगह दो बार काम दिखाकर दो लोगों के नाम से धन निकाला गया है।
0 कई पेजों में नाम बदलकर रुपये निकाले गए हैं।
0 कई जॉब कार्ड पर फर्जी रुपये निकाले गए हैं। एक ही नाम से दो-तीन बार फर्जी धनराशि निकाली है।
0 प्रधान के सगे भाई के नाम से फर्जी पैसा निकाला गया है। दूसरे गांव के लोगों के नाम से धन निकासी हुई है।
0 मृतक और रिश्तेदारों के नाम भी धन निकाल लिया गया है।
0 वृक्षारोपण को फर्जी तौर पर पौधे लेकर पौधारोपण दिखाया गया है। भुगतान की रसीदों पर नाम पता नहीं है। भुगतान तत्काल प्रधान शांति देवी से होना दर्शाया गया है।
0 सीमेंट खरीद और मिट्टी ढुलाई में घपला है पढ़े लिखों के अंगूठा निशानी लिए गए हैं।
0 काम करने लायक नहीं होने पर भी कुष्ठ रोगी मनरेगा में कामगार दिखाया गया है आदि।