भाजपा के विधानसभा प्रभारी और सूबे के कैबिनेट मंत्री आजम खां के खिलाफ देशद्रोह के मामले में गवाह अतुल रस्तोगी की जान लेवा हमले की शिकायत पुलिस ने जांच में झूठी पाई है। अतुल रस्तोगी ने आरोप लगाया था कि आजम खां के खिलाफ गवाही देने पर चार लोगों ने उनके ऊपर जानलेवा हमला किया था और लूटपाट भी की थी।
अतुल रस्तोगी ने सिविल लाइंस थाने में गुरुवार को तहरीर देकर बताया था कि बुधवार रात करीब 11 बजे वह बाइक में पेट्रोल डलवा कर घर लौट रहे थे। रास्ते में सागरताल वाली ज्यारत के पास कार सवार चार-पांच लोगों ने उन पर कातिलाना हमला कर दिया। हमलावर आजम खां के खिलाफ गवाही देने पर उनको जान से मारने की धमकी दे रहे थे। हमलावरों ने उनसे सोने की चेन और नगदी भी लूट ली। मामला सूबे के कैबिनेट मंत्री से जुड़ा होने की वजह से पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया। पड़ताल में पता लगा है कि साइड देने को लेकर अतुल रस्तोगी का कार सवार लोगों से झगड़ा हो गया था। जांच कर रहे एसओ का कहना है कि अतुल रस्तोगी ने बेवजह मामले को तूल देते हुए इसे आजम खां से जोड़ा।
जांच में आरोप पूरी तरह से झूठे पाए गए हैं। रोड पर साइड देने को लेकर झगड़ा हुआ था। इसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। अतुल रस्तोगी ने सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की नीयत से मामले को कैबिनेट मंत्री से जोड़कर तूल दिया है।
-सौमित्र यादव, एसएसपी