बेसिक शिक्षा और डीआईओएस दफ्तर में अंगद की तरह जमे बाबुओं को हटाया जाएगा। शासन ने एक बाद फिर छह वर्षों से जमे बाबुओं को स्थानांतरित करते हुए हटाने का फरमान जारी किया है। 30 अप्रैल तक बीएसए तथा डीआईओएस से इसकी सूची मांगी है। हालांकि जिले में जेडी स्तर के आदेश को हर बार ठेंगा दिखाने में भी विभाग आगे रहा है। यहीं कारण है कि महीनों पहले किए गए स्थानांतरण के बाद भी बाबुओं को हटाया ही नहीं गया और तो और उनकी जिम्मेदारी बढ़ा दी गई। जिससे उनके हौसले और बुलंद हो गए।
गौरतलब है कि बेसिक और जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में छह साल से अधिक समय से जमे बाबुओं को हटाने के आदेश जारी किए गए हैं। जिसकी सूचना 30 अप्रैल तक मांगी गई है। सूत्रों की माने तो यह फरमान कितने असरदार साबित होते हैं यह देखना बाकी है। क्योंकि साठगांठ के चलते बाबू जोड़तोड़ कर अपना स्थानांतरण रूकवाने में भी महारत हासिल किए हुए हैं। बतातें हैं कि यही एक वजह है जो कि कुछ माह पहले जेडी स्तर से बेसिक और जीआईसी, जीजीआईसी, डायट के बाबुओं को स्थानांतरित आदेश के बावजूद रिलीव नहीं किया गया। इतना ही नहीं उनकी जिम्मेदारी तक बढ़ा दी गई। चूंकि शासन ने तीस अप्रैल तक इसकी जानकारी मांगी है। लिहाजा इसे लेकर दफ्तरों में अफरातफरी का माहौल है।