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इंजीनियर बेटे ने की खुदकुशी,  मां ने सदमे में दम तोड़ा

Mon, 03 Oct 2016 11:34 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
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बुआ के घर खटीमा गया था कादरचौक का राहुल
नानकमता के एक पार्क में पेड़ पर लटका मिला शव
 इकलौते इंजीनियर बेटे की खुदकुशी की खबर मिलने के बाद उसकी मां ने भी सदमे में दम तोड़ दिया। कादरचौक थाने के गांव श्रीनगर के राहुल का शव उत्तराखंड के नानकमता के एक पार्क में रविवार को पेड़ पर लटका मिला था। उसकी जेब में सुसाइड नोट भी मिला। राहुल की खुदकुशी की खबर देर रात कादरचौक परिवारवालों को मिली। इसके कुछ देर बाद ही राहुल की मां ऊषा देवी ने सदमे में दम तोड़ दिया।
कादरचौक के गांव श्रीनगर निवासी संतोष सिंह के बेटे राहुल (23) ने इंजीनियरिंग की थी। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। हाल ही में राहुल को अच्छे पैकेज पर टाटा मोटर्स में नौकरी भी मिल गई। उसे सोमवार को नोएडा पहुंच कर ज्वाइन करना था। शुक्रवार को राहुल खटीमा के वार्ड नंबर छह में रहने वाले अपने फूफा रोहित के घर जाने की बात कहकर निकला था। घर पर उसने यह भी कहा कि खटीमा से वह बदायूं आकर रविवार को सीधे नोएडा चला जाएगा। रविवार को राहुल ने अपने पिता को फोन किया कि वह बस में है। उझानी पहुंचने वाला है। बाद में उसने बताया कि वह दादरी पहुंच गया है। 
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परिवार वाले निश्चिंत थे। रविवार रात करीब 9.30 बजे राहुल के चचेरे भाई के मोबाइल पर उत्तराखंड पुलिस का फोन आया। बताया गया कि राहुल का शव नानकमता के एक पार्क में पेड़ पर लटका मिला है। उसने खुदकुशी की है। जेब से सुसाइड नोट भी मिला है। बेटे की मौत का सदमा मां सहन न कर सकी। राहुल की मां ऊषा देवी ने रात करीब 10:30 बजे दम तोड़ दिया। उत्तराखंड पुलिस के मुताबिक राहुल की जेब से मिले सुसाइड नोट में उसके चचेरे भाई का मोबाइल नंबर लिखा था। नोट में लिखा था कि वह जीवन से तंग आ गया है। ऐसे में खुदकुशी कर रहा है। इसके लिए कोई जिम्मेदार नहीं होगा। राहुल और उसकी मां की मौत से गांव में गमगीन माहौल है।
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जमीन बेच कर कराई थी बेटे को इंजीनियरिंग
कादरचौक। राहुल पढ़ने में मेधावी राहुल सामान्य परिवार से ताल्लुक रखता था। ऐसे में उसके पिता संतोष ने जमन बेच कर बेटे को इंजीनियरिंग की पढ़ाई कराई थी। पढ़ाई पूरी होने के बाद जब राहुल को टाटा मोटर्स में अच्छे पैकेज पर जॉब मिली तो परिवार की खुशियों का ठिकाना नहीं रहा, लेकिन इकलौते बेटे राहुल की मौत के बाद खुशियों को ऐसा पलीता लगा कि सदमे में उसकी मां भी चल बसी। राहुल की तीन बहनें हैं, उनकी शादी हो चुकी है। इकलौते भाई की मौत से वह भी व्याकुल हैं। 
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