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धर्मवती ने ही कराई  थी पति की हत्या 

Fri, 01 Jul 2016 12:13 AM IST
बदायूं, ब्यूरो
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हत्या  - फोटो : अमर उजाला
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पुलिस ने मृतक राजेश की पत्नी और उसके प्रेमी फौजी को भेजा जेल
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रोडवेज चालक राजेश कुमार की हत्या का मामला
 बरेली के भमोरा में राजेश कुमार की हत्या में गिरफ्तार राजपाल फौजी से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने मृतक की पत्नी धर्मवती को गिरफ्तार कर लिया। फौजी के उसके साथ अवैध संबंध थे। हत्या में उसकी भूमिका भी उजागर हो गई है। धर्मवती की भी गिरफ्तारी की औपचारिकता पूरी कर उसे कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने फौजी और धर्मवती को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
पुलिस ने मृतक ड्राइवर राजेश की पत़्नी धर्मवती को तड़के पकड़ा, तो उसने पूछताछ के दौरान घटना की हकीकत बयां कर दी। पुलिस के मुताबिक, राजेश के घर मुजरिया के गांव बगुलानगला निवासी पूर्व सैनिक राजपाल का आना-जाना था। उसी दौरान राजेश की पत्नी से राजपाल के अवैध संबंध हो गए। धर्मवती को खुश करने के लिए ही राजपाल ने राजेश को 40 हजार रुपया उधार दिया था। राजपाल और धर्मवती के बीच संबंधों की वजह से घर में कलह भी होने लगी थी। उसके बाद ही राजपाल ने राजेश को गुमराह कर दो महीना तक अपने कब्जे में रखा था।
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ड्राइवर राजेश की हत्या कर लाश बरेली के भमोरा थाना क्षेत्र में फेंक दी गई है, यह बात भी धर्मवती से राजपाल ने धटना के दो बाद कह दी थी। दरोगा एके सिंह ने बताया कि राजपाल ने उसे भरोसा दिलाया था कि वह उसके नाम गौतमपुरी मोहल्ला अपना प्लॉट कर देगा। बच्चों की पढ़ाई का खर्चा भी उठाएगा। हत्या में राजपाल के साथ सहसवान के मोहल्ला रुस्मतटोला निवासी कल्लू भी शामिल था। बता दें कि राजेश की लाश 22 मई को भमोरा थाना क्षेत्र में मिली थी। बुधवार को ही पुलिस ने कपड़ों के आधार पर मृतक की शिनाख्त की कार्रवाई पूरी की थी। इधर, पुलिस ने राजपाल फौजी और धर्मवती को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने दोनों को जेल भेज दिया है।
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मासूम अजय को भी मिली मां के गुनाह की सजा
उझानी। पति राजेश कुमार की हत्या में गिरफ्तार धर्मवती के पांच संतान हैं। सबसे बड़ी बेटी नौ साल की है। गिरफ्तारी के दौरान उसकी गोद में आठ माह का मासूम सबसे छोटा बेटा अजय था। अजय को तो इस बात का अहसास भी नहीं कि सिर पर पिता का साया हटवाने में मां धर्मवती की भी भूमिका रही है। दरोगा एके सिंह ने बताया कि अजय अपनी मां के साथ जेल गया है। चूंकि वह मासूम है, ऐसे में उसकी परवरिश कोई और नहीं कर सकता। इसके विपरीत धर्मवती के चारों बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी उसके बाबा रूपराम ने ली है।
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