थाना क्षेत्र के गांव खुनक में ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त धर्मस्थल की
मरम्मत का काम शुरू करा दिया है। हालांकि गांव के लोगों में एसओ बिनावर
जमीरुल हसन के खिलाफ अब भी गुस्सा है। इधर पुलिस सातवें दिन भी खुराफातियों
की तलाश नहीं कर सकी है। गुरुवार को शिवसेना के प्रतिनिधिमंडल ने भी गांव
पहुंच कर घटना का जल्द खुलासा करने की मांग की।
खुनक में एक जनवरी की
रात खुराफातियों ने डेढ़ सौ साल पुराने धर्म स्थल के छह गुंबद गिरा दिए थे।
इसकी जानकारी अगले दिन जब गांव वालों को हुई तो गांव में तनाव फैल गया।
पुलिस मौके पर पहुंची तो पब्लिक पुलिस पर हमलावर हो गई। किसी तरह से एसडीएम
सदर प्रदीप यादव और सीओ सिटी राजेंद्र सिंह धामा ने हालात संभाले। बाद में
ग्रामीणों ने धर्म स्थल पर धरना दिया और एसओ के निलंबन तक धर्म स्थल में
पूजा बंद कर दी। अधिकारियों के आश्वासन पर ग्रामीणों ने गुरुवार को धर्म
स्थल को दुरुस्त कराने का काम शुरू कर दिया है। हालांकि गांव में तनाव के
मददेनजर अब भी पुलिस और पीएसी तैनात है।
धर्मस्थल तोड़ने वालों की गिरफ्तारी की मांग
बिनावर।
खुनक में डेढ़ सौ साल पुराने धर्म स्थल को क्षतिग्रस्त करने वाले खुराफाती
तत्वों की अब तक गिरफ्तारी न होने पर शिवसेना ने नाराजगी जताई है। शिवसेना
के एक प्रतिनिधि मंडल ने जिला प्रमुख नितिश रस्तोगी के साथ गांव का दौरा
किया। उन्होंने मांग की कि जिन खुराफातियों ने धर्म स्थल को क्षतिग्रस्त
किया है उनको जल्द गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म के
धर्म स्थल को नुकसान पहुंचाना गलत है। मोनू पंडित, दीपांशु, आकाश वर्मा,
आकाश कुमार, हिमांशु शर्मा, अजय वर्मा, धर्मेंद्र कुमार, देव प्रताप, हर्ष
प्रताप सिंह, दीपक सक्सेना, अभय पंडित, अमित सक्सेना, गौरव धींगड़ा आदि
रहे।