दिल्ली से अगवा करके लाई गई महिला को बंधक बनाकर उसके साथ कई दिन तक गैंगरेप किया गया। दुराचार करने के बाद उसे पीटकर भगा दिया गया। पीड़ित महिला ने कई लोगों को आपबीती सुनाई। लोगों ने उसे पुलिस तक पहुंचाने के बजाय दिल्ली तक का किराया और खर्चे के लिए चंदा कर पैसे देकर बस में बैठा दिया। पुलिस को जब सूचना मिली तो मौके पर पहुंची, तब तक महिला जा चुकी थी। हालांकि पुलिस ने इस कुछ लोगों को चिह्ति भी कर लिया है।
गुरुवार की शाम मोहल्ला पठान टोला चौराहे से बजरिया जाने वाले रास्ते के निकट एक महिला अपनी गोद में करीब दो वर्षीय बच्चे और एक हाथ में थैला लिए रो रही थी। महिला को रोता देखकर वहां पर लोगों की भीड़ लगना शुरू हो गई। मौजूद लोगों ने महिला से उसकी पीड़ा जानने का प्रयास किया तो उसने जो आपबीती सुनाई उसे सुनकर लोग दंग रह गए। महिला के अनुसार वह दिल्ली के लाल किले के पास की रहने वाली है। पांच दिन पूर्व एक एक व्यक्ति बहला फुसलाकर ले आया। रास्ते में उसके दो साथी भी मिल गए। वह उसे जबरदस्ती सहसवान के एक मोहल्ले में ले आए। उसे एक मकान में बंधक बनाकर कई दिन तक लगातार गैंगरेप किया।
गुरूवार की शाम इन लोगों ने उसे पीटकर भगा दिया। उसे एक भी पैसा नहीं दिया। उसके पास घर जाने तक को पैसे नहीं थे। इस पर वहां मौजूद लोगों ने चंदा एकत्र उसे पैसे दिए। कुछ लोगों ने उसे अकबराबाद चौराहे से दिल्ली जाने वाली बस में बैठा दिया। पुलिस ने गोपनीय तरीके से कुछ लोगों के नाम चिह्नित किए हैं। कोतवाल का कहना है कि यदि दिल्ली के किसी भी थाने में सहसवान के लोगों द्वारा महिला के भगाने के संबंध में मुकदमा पंजीकृत होगा, तब इन तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा। इस बारे में जानकारी हासिल की जा रही है। इस घटना की क्षेत्र में चर्चा है।