बिल्सी थाने के सिपाही शहीम खान और भीमसेन के हत्यारोपियों को कोर्ट ने भगोड़ा घोषित कर दिया है। आरोपियों के खिलाफ धारा-82 की कार्रवाई के बाद पुलिस ने इनके घर पर फरारी नोटिस चस्पा करने के साथ आसपास के गांवों में मुनादी भी करा दी है। इसके बावजूद आरोपी कोर्ट में हाजिर नहीं होंगे तो कुर्की की कार्रवाई होगी।
बिल्सी थाने के सिपाही शहीम खान और भीमसेन 17 फरवरी की रात थाना क्षेत्र के गांव गढ़ौली में गांव वालों की शिकायत पर डीजे बंद कराने गए थे। गांव के जगतपाल शाक्य ने अपनी पत्नी कांता देवी, दो बेटियों और एक बेटे के साथ मिलकर सिपाहियों पर कुल्हाड़ी और फावडे से हमला कर दिया था। गंभीर हालत में दोनों सिपाहियों को बरेली रेफर किया गया था। शहीम की उसी रात मौत हो गई। जबकि भीमसेन ने इलाज के दौरान तीसरे दिन दम तोड़ दिया था।
मामले में एसओ बिल्सी नरेंद्र सिंह की ओर से जगतपाल, उसकी पत्नी कांता दो बेटियों और एक बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपियों पर 25 हजार रुपये इनाम घोषित किया गया है। गिरफ्तारी को 16 पुलिस टीमों को लगाया गया है। तीन सीओ और छह एसओ भी जुटे हुए हैं। बावजूद इसके आरोपी पुलिस की पकड़ में नहीं आ रहे। मामले में विवेचना कर रहे इंस्पेक्टर उझानी ने सीजेएम कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई को अर्जी दी थी। कोर्ट ने आरोपियों को फरार घोषित करते हुए धारा-82 का नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस जगतपाल के घर समेत जिले में प्रमुख स्थानों पर चस्पा कर दिया गया है।
-----
कोर्ट से आरोपियों के खिलाफ धारा-82 का नोटिस हासिल कर लिया गया है। आरोपियों के घर पर फरारी का नोटिस चस्पा कर दी गई है। अब पांचों आरोपियों के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
-गोपीचंद्र यादव, इंस्पेक्टर उझानी
-----
दिल्ली से खाली हाथ लौटी टीम
बदायूं। सिपाहियों के आरोपियों की तलाश में दिल्ली गई पुलिस की एक टीम वहां से खाली हाथ लौट आई है। जगतपाल के बारे में कोई सुराग नहीं लगा है। दो दिन पहले ही इस टीम को दिल्ली भेजा गया था। कई इलाकों को खंगालने के बाद भी पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा।