बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव दबतोरा में मिट्टी की ढांग ढहने से तीन महिलाएं दब गईं। जब तक इनको निकाला गया, तब तक एक महिला की मौत हो चुकी थी। एक गर्भवती को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। खबर मिलने पर एसडीएम गुलाब चंद्र ने मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। मृतका के परिवार वालों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।
दबतोरा निवासी प्रेमवती (50) पत्नी कालीचरन, विमला (35) पत्नी पप्पू, मीना (34) पत्नी कालीचरन, हरिद्वारी की पुत्री शोभारानी (20) और कालीचरन की आठ वर्षीय पुत्री आरती गांव के बाहर मिट्टी खोद रही थीं। मिट्टी खोदते समय अचानक ढांग ढ़ह गई। इसमें विमला, प्रेमवती और मीना दब गईं। शोभा भागकर गांव पहुंची और उसने घटना के बारे में बताया। गांव वाले मौके पर पहुंचे। जब तक तीनों महिलाओं को मिट्टी के ढ़ेर से निकाला गया, तब तक प्रेमवती की मौत हो चुकी थी। गर्भवती विमला को निकाल लिया गया, लेकिन उसकी हालत अभी गंभीर है। मीना को मामूली चोटें आईं हैं।
खबर मिलने पर एसडीएम गुलाब चंद्र और थाना पुलिस मौके पर पहुंचे। प्रेमवती के पुत्र विनोद ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। बाद में नाते-रिश्तेदारों और गांव वालों के समझाने पर वह पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुआ। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा है। मृतका का परिवार भूमिहीन है। एसडीएम ने आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन दिया है।
नौ साल की बच्ची समेत चार लोग बचे
दबतोरी। मिट्टी की ढांग ढ़ही तो मीना, उसकी नौ साल की पुत्री आरती, शोभा रानी और विमला मिट्टी खोद रही थीं। हादसे में यह लोग बाल-बाल बच गए। ढांग का ज्यादातर हिस्सा प्रेमवती के ऊपर गिरा। वह पूरी तरह से इसमें दब गई। बाकी के लोग भी अगर मिट्टी की ढांग की जद में आते तो घटना बड़ी हो सकती थी।
शोभा की हिम्मत से बच गई एक जान
दबतोरी। मिट्टी की ढांग ढहने के बाद हरिद्वारी की 20 वर्षीय पुत्री शोभारानी ने हिम्मत दिखाई। पहले तो उसने खुद प्रेमवती और विमला को निकालने की कोशिश की। जब वह कामयाब नहीं हुई तो भाग कर गांव पहुंची और घटना के बारे में बताया। तुरंत ही गांव के लोग मौके पर पहुंचे। अगर देर होती तो गर्भवती विमला की जान पर भी बन आती।