मोहम्मद नगर सुलरा दौड़ा प्रशासनिक अमला, मामला पेशबंदी का निकला
गांव के कोटेदार ने अपने पक्ष के लोगों को बरगलाकर भेजा था मुख्यालय
मूसाझाग थाने के गांव मोहम्मद नगर सुलरा स्थित एक मंदिर में दलितों को प्रवेश से रोके जाने की सूचना पर प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। गांव के दलित बिरादरी के कुछ लोगों ने जिला मुख्यालय पहुंच कर शिकायत डीएम और एसएसपी से कर कार्रवाई की मांग की। एसडीएम सदर जंगबहादुर यादव, सीओ सिटी एके पांडेय और सीओ उझानी नरेश कुमार फोर्स के साथ गांव पहुंचे। दलितों से मंदिर में पूजा-अर्चना और जलाभिषेक कराया। एसडीएम सदर का कहना है कि पूरा मामला पेशबंदी का है। गांव के कोटेदार ने माहौल बिगाड़ने के लिए साजिश रची थी। उसने अपने पक्ष के लोगों को बरगला कर मुख्यालय भेज दिया था।
मोहम्मद नगर सुलरा गांव में प्राचीन बटेश्वर महाराज मंदिर में देवी-देवाताओं की कई प्रतिमाएं हैं। मंदिर का जीर्णोद्वार स्वामी मुनीशानंद ने कराया था। स्वामी मुनीशानंद के निधन के बाद उनके परिवार के लोग मंदिर की देखभाल करते हैं। शुक्रवार को गांव के दलित बिरादरी के लोग मालवीय आवास पहुंचे। यहां प्रदर्शन कर आरोप लगाया कि उनको मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। पुजारी आर्येंद्र शर्मा और महेंद्र शर्मा ने मंदिर पर कब्जा कर लिया है। दलितों ने यह शिकायत डीएम सीपी त्रिपाठी और एसएसपी सुनील सक्सेना से की।
इससे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। कई थानों की पुलिस के साथ एसडीएम सदर जंगबहादुर यादव, सीओ सिटी एके पांडेय, सीओ उझानी नरेश कुमार गांव पहुंचे। यहां पड़ताल करने परा पता लगा तिक ऐसी कोई बात नहीं है। पूरे मामले में पेशबंदी के चलते तूल दिया गया है। इसके बाद भी अधिकारियों ने अपने सामने ही मंदिर में दलितों से पूजा-अर्चना और जलाभिषेक भी कराया। -------
पूरा मामला पेशबंदी का है। पड़ताल में पता लगा है कि गांव के कोटेदार बलवीर ने यह साजिश रची थी। गांव के लोगों ने शपथ-पत्रों के साथ कोटेदार की शिकायत की थी। गांव का माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-जंगबहादुर यादव, एसडीएम सदर
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राशन कोटे की सियासत पहुंची माहौल बिगाड़ने तक
महेंद्र पक्ष के लोगों ने की थी कोटेदार की शिकायत
दलित बहुल्य गांव में जात-पांत फैलाने की साजिश
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। राशन कोटे की सियासत गांव का माहौल बिगाड़ने तक पहुंच गई। समय रहते अधिकारी मामले की तह तक पहुंच गए। स्थिति साफ होने पर अधिकारियों ने चैन की सांस ली। एसडीएम सदर जंगबहादुर यादव ने खुराफात करने वाले लोगों के खिलाफ मुचलका पाबंद की कार्रवाई का आदेश दिया है।
मोहम्मद नगर सुलरा गांव के किशन पाल पासी पूर्व प्रधान हैं। इस बार चुनाव मुनेंद्र पाठक जीते हैं। गांव का राशन कोटेदार बलवीर गांव के पूर्व प्रधान का करीबी है। दो दिन पहले गांव के दर्जनों लोगों ने महेंद्र शर्मा के नेतृत्व में मुख्यालय पहुंच कर कोटेदार की शिकायत की थी। शपथ पत्र भी दिए थे। बताते हैं कि इससे कोटेदार बलवीर बौखला गया। खुद एसडीएम सदर और सीओ सिटी इस बात की तस्दीक कर रहे हैं कि कोटेदार ने ही गांव का माहौल बिगाड़ने के लिए पूरा ड्रामा रचा है। अब उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। गौर करने वाली बात यह है कि मोहम्मद नगर सुलरा गांव दलित बहुल्य है। यहां दो दलित बिरादरी की आबादी दो हजार है। करीब नौ सौ मुसलमान और इतने ही सामान्य जाति के लोग हैं।
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स्वामी मुनीशानंद चलाते थे मंदिर में विद्यालय
बदायूं। स्वामी डॉ. मुनीशानंद ने मंदिर का जीर्णोद्वार कराने के बाद मंदिर में कई साल तक विद्यालय चलाया। वह दृष्टि बाधित थे। इसके बावजूद प्रतिभावान मुनीशानंद ने पीएचडी की उपाधि हासिल की थी। उनके समय में सभी बिरादरियों के छात्र-छात्राएं मंदिर में आते थे। कभी दलित बनाम सामान्य का विवाद नहीं हुआ। कुछ समय पूर्व उनका निधन हो गया। इसके बाद मंदिर का विद्यालय तो बंद हो गया, लेकिन मंदिर में किसी के प्रवेश पर कोई रोक नहीं लगी। हां, इतना जरूर है कि वर्ष 2013 में दो समुदायों को बीच तनाव हो गया था, जिसको प्रशासन ने वार्ता करने के बाद निपटा दिया था।