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मीरा सराय में दिनदहाड़े चाकू से गोदकर हत्या, सिपाही सस्पेंड

Sat, 22 Jul 2017 07:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो,बदायूं
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हत्या - फोटो : Demo Pic
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शहर के सिविल लाइंस इलाके के मीरा सराय में शनिवार को घर से खींचने के बाद दिन-दहाड़े चाकू मारकर एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। इससे इलाके में दहशत फैल गई। हत्यारे हाथ में चाकू और डंडे लहराते हुए फरार हो गए। हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी के लिए लोगों ने सिविल लाइंस थाने के सामने जाम लगाने की कोशिश की। पोस्टमार्टम के बाद लोगों ने सदर विधायक महेश गुप्ता के आवास पर भी शव रखकर जाम लगाया। घटना रंजिशन अंजाम दी गई। मृतक के बेटे की तहरीर पर सिविल लाइंस थाना पुलिस ने पड़ोसी पांच लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। वहीं, इस मामले में लापरवाही पर एसएसपी ने बीट सिपाही रविंद्र को सस्पेंड कर दिया।
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घटना शनिवार सुबह लगभग आठ बजे की है। थाना सिविल लाइंस के मीरा सराय निवासी 50 वर्षीय अजयपाल मजदूरी करता था। बड़े बेटे धर्मवीर ने बताया कि शनिवार सुबह पिता अजयपाल, मां ध्यान श्री और उसकी पत्नी प्रियंका घर में अकेली थी। छोटा भाई संतोष खेत पर काम से गया था। आरोप है कि उसका शुक्रवार को देर रात पड़ोसी विश्वनाथ से विवाद हो गया था। इसके बाद यूपी 100 को घटना की सूचना दी गई लेकिन घर पर कोई नहीं पहुंचा। किसी तरह रात में मामला शांत हो गया। इस बीच शनिवार सुबह आरोपी पक्ष के पांच लोग मौका पाकर घर में लाठी, डंडे, चाकू लेकर घर में घुस गए और परिवार वालों से मारपीट शुरू कर दी। विरोध पर अजयपाल को घर से बाहर खींचकर उसके पेट में चाकू घोंप दिया। अजय पाल की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद हमलावर असलहे लहराते हुए फरार हो गए। मृतक के परिवार वालों ने घटना की सूचना सिविल लाइंस थाना पुलिस को दी। दिनदहाड़े हत्या की वारदात का पता चलते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई। एसएसपी चंद्र प्रकाश, एसपी सिटी कमल किशोर, सीओ वीरेंद्र यादव, सिविल लाइंस थाना प्रभारी राजीव कुमार शर्मा पुलिस बल के साथ मीरा सराय पहुंचे और घटनास्थल पर निरीक्षण करने के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसएसपी ने बीट के सिपाही रविंद्र को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। मृतक के बेटे धर्मवीर की ओर से दी तहरीर में लिखा है कि आरोपी अफीम और डोडा की सप्लाई करते थे। उन्हें शक था कि पुलिस को परिवार वाले मुखबिर बन कर सूचना देते रहते हैं, इस पर पहले झगड़ा किया और फिर हमला बोल दिया। धर्मवीर की तहरीर पर विश्वनाथ, उसके भाई हंसराज, तीन बेटों मोनू, मनोज और हिमाचल के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट सिविल लाइंस थाने में दर्ज कर ली गई है।
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