हवाला कारोबार से जुड़े बिसौली कोतवाली क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों के करीब डेढ़ दर्जन लोग अब इंटरपोल के निशाने पर आने वाले हैं। कोतवाली क्षेत्र के पपगांव निवासी हशमत की मुरादाबाद में गिरफ्तारी के बाद इसके बाकी साथियों की गिरफ्तारी की कोशिश शुरू हो गई है। सोमवार को साइबर क्राइम सेल आगरा के पांच सदस्यों की एक टीम ने दिनभर क्षेत्र के कई गांवों में सुराग तलाशे और शाम को लौट गई।
हवाला कारोबार से जुड़े लोगों की तलाश के लिए इंटरपोल से मदद मांगी गई है। सेल ने नाइजीरिया के एक नागरिक को ट्रेस किया है। बिसौली कोतवाली क्षेत्र के दबतोरी, दबतोरा, संग्रामपुर, लक्ष्मीपुर और पपगांव में करीब डेढ़ दर्जन लोग ऐसे हैं, जिनके तार हवाला कारोबार से जुड़े हुए हैं। क्राइम ब्रांच द्वारा पपगांव के हशमत की मुरादाबाद में गिरफ्तारी के बाद कई राज सामने आए हैं। हशमत के नाम से 17 बैंक खाते हैं। इनसे हाल ही में 40 लाख रुपये का लेनदेन हुआ है। हशमत एक अंतरराष्ट्रीय गैंग से भी जुड़ा है, जो इंटरनेट पर लॉटरी निकालने का झांसा देकर ठगी करता है। इसके बाकी साथियों की तलाश की जा रही है। साइबर सेल की टीम का यहां आना उसी क्रम से जोड़कर देखा जा रहा है।
क्राइम ब्रांच सूत्रों की मानें तो हशमत ने पूछताछ में माना कि रैकेट नाइजीरिया से संचालित होता है। नाइजीरिया का नागरिक क्लेमेंट ब्राउन रैकेट का सरगना है और इसके ठिकाने दिल्ली और मुंबई में भी हैं। सितंबर में बिजनौर में हुए ब्लास्ट के बाद अक्तूबर में दबतोरी चौकी इलाके में नाइजीरियाई लोगों को देखा गया था। अमर उजाला में खबर के प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद तत्कालीन एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने पुलिस और एलआईयू को इसकी पड़ताल में लगाया था।