डीजीसी क्रिमिनल साधना शर्मा हत्याकांड में आरोपी पीसी शर्मा और इरशत की क्राइम ब्रांच बरेली ने रिमांड मांगी है। बुधवार को क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर एसएस पवार ने सीजेएम मोहम्मद असलम सिद्दीकी की कोर्ट में इस संबंध में अर्जी दाखिल की। कोर्ट में इस पर सुनवाई गुरुवार को होगी।
डीजीसी साधना शर्मा की 23 मई की उस वक्त इनोवा गाड़ी से टक्कर मारकर हत्या कर दी गई थी जब वह स्कूटी से अपने घर उझानी जा रही थी। साधना की बहन विपर्णा गौड़ ने पूर्व विधायक योगेंद्र सागर समेत छह लोगों को नामजद करते हुए हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना में नामजदगी झूठी पाई गई। हत्या के मामले में पीसी शर्मा समेत आठ लोगों की संलिप्तता पाई गई। चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया था। 19 जुलाई को पीसी शर्मा को भी लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में उसे लखनऊ से ट्रांजिट रिमांड पर बदायूं लाया गया। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया।
मंगलवार को विवेचक एसएस पवार ने जेल में पीसी के 161 के बयान दर्ज किए थे। बयान में पीसी ने विवेचक को गुमराह करने की कोशिश की। इसके बाद बुधवार को विवेचक ने कोर्ट में अर्जी देकर पीसी शर्मा की रिमांड मांगी है। कोर्ट ने इस पर सुनवाई को एक सितंबर मुकर्रर की है।
पीसी के मोबाइल रिकवर करने में जुटी क्राइम ब्रांच
बदायूं। साधना शर्मा हत्याकांड की विवेचना कर रही बरेली क्राइम ब्रांच टीम पीसी शर्मा के उन तीन मोबाइल को रिकवर करने की कोशिश में जुटी हुई है जिनका पीसी फरारी के दौरान इस्तेमाल कर रहा था। गिरफ्तारी के वक्त यह मोबाइल उसके पास मिले थे। क्राइम ब्रांच ने मोबाइल फर्द में तो चढ़ाए, लेकिन इनका ईएर्मआई नंबर और मोबाइल सिम नंबर नोट नहीं किए। सभी मोबाइल पीसी के परिवार के सुपुर्द कर दिए थे। विपर्णा गौड़ ने कोर्ट में अर्जी देकर मोबाइल की बात उठाई तो कोर्ट ने क्राइम ब्रांच को मोबाइल रिकवर कर कोर्ट में दाखिल करने का आदेश दिया था।