न्यायालय
संख्या नौ अपर सेशन जज अहमद उल्ला ने जानलेवा हमला के मामले में नामजद
आरोपी को पांच साल कैद सहित दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
घटना
थाना बिसौली क्षेत्रांतर्गत पिंडारा गांव की है। 13 अक्तूबर 2011 को सचिन
अपने चाचा सुरजीत के साथ गांव से बिसौली जा रहे थे। शाम चार बजे जब से लोग
धर्मशाला के पास पहुंचे, तभी पीछे से गांव का त्रिमल और उसका भाई मनोज आ
गए। आरोपी त्रिमल ने मनोज को उकसाते हुए कहा कि सचिन को गोली मार दे। इस पर
मनोज ने सचिन पर जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया, जो उसकी पीठ में
लगा। विवेचना के दौरान तमंचा की बरामदगी न होने के चलते त्रिमल के खिलाफ
अदालत में चार्जशीट दाखिल की। दोनों पक्षों की सुनवाई उपरांत जज ने जानलेवा
हमला करने के लिए उकसाए जाने के आरोप में दोषी त्रिमल को पांच साल कैद
तथा 10 हजार रुपये जुर्माना का दंड दिया। जुर्माना की आधी रकम क्षतिपूर्ति
बतौर सचिन को मिलेगी।