गांव चंदपुरा में आग में एक बेवा का घर राख हो गया। बेटी के हाथ पीले करने के लिए मेहनत मजदूरी कर इकठ्ठे किए गए दस हजार रुपये भी आग की भेंट चढ़ गए।
कोतवाली के गांव चंदपुरा में चूल्हे पर खाना बनाते समय उठी चिंगारी ने बेवा अफसरी का घर राख कर दिया। चूल्हे से उठी चिंगारी से छप्पर जलने लगा। जब तक छप्पर की आग बुझ पाती, तब तक आग ने कमरे के उपर पड़ी कडिय़ों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आस-पड़ोस के लोगों ने बमुश्किल आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक तक देर हो चुकी थी। आग से दस हजार रुपये, जेवर, कपड़े और घरेलू सामान जल गया। अफसरी के तीन बेटियां और एक बेटा है। जवान हो चुकी बेटी के हाथ पीले करने के लिए अफसरी ने पेट काटकर दस हजार रुपये जुटाए थे, उन्हें भी आग लील गई। हाथ में जले नोट लेकर अफसरी फफक-फफककर रो रही थी। यह देखकर गांव वालों की आखें भी नम हो गईं। लेखपाल ने नुकसान का सर्वे कर रिपोर्ट एसडीएम गुलाब चंद्र को सौंप दी है।
...अब आग ने जलाए सपने
बिसौली। यह वक्त की मार ही तो है, तीन साल पहले शौहर अलीजान की मौत हो गई। अब आग ने जो कुछ जमा किया था, उसको लील लिया। पति की मौत के बाद अफसरी ने मेहनत-मजदूरी कर परिवार पाला था। इसी में से पैसा जोड़कर बड़ी बेटी शबीना की शादी के लिए ये रकम एकत्र की थी।