झाड़-फूंक कराने आई बिल्सी थाने के एक गांव की महिला से महिला तांत्रिक के पति ने कमरे में बंद करके दुष्कर्म किया। पीड़िता के पति की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर उसे मेडिकल के लिए भेजा है। घटना शुक्रवार की रात फैजगंज बेहटा थाने के गांव सैंडोला में हुई।
बिल्सी थाने के एक गांव की महिला शुक्रवार रात खेत पर शौच को गई थी। लौटते वक्त उसके पैर में किसी कीड़े ने काट लिया। महिला को शक हुआ कि उसको सांप ने डस लिया है। वह घर पहुंची और पति को बताया। गांव के लोगों ने सलाह दी कि फैजगंज बेहटा थाने के गांव सैंडोला में शिवराज की पत्नी तांत्रिक है। वह सांप के डसे का झाड़-फूंक से इलाज करती है।
रात में करीब 11 बजे पति-पत्नी झाड़-फूंक के लिए सैंडोला शिवराज के घर पहुंचे। शिवराज की तांत्रिक पत्नी ने महिला का इलाज किया। उससे घर में ही कुछ देर टहलने को कहकर वह किसी अन्य जगह झाड़ फूंक करने चली गई। इस बीच उसका पति शिवराज आ गया। वह महिला को बरगलाकर कमरे में ले गया। वहां उससे दुष्कर्म किया। किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। शनिवार सुबह महिला शिवराज के घर से निकली। उसने घटना के बारे में पति को बताया। महिला के पति की ओर से शिवराज के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज कराया गया है। एसओ फैजगंज बेहटा नरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर महिला को मेडिकल को भेजा गया है।
दुष्कर्म की घटनाओं से
समाजशास्त्री भी हैरान
बदायूं। बच्चियों से दुष्कर्म की घटनाएं शर्मसार कर रही हैं। समाजशास्त्री भी इस तरह की बढ़ रहीं घटनाओं से हैरान हैं। पिछले महीने शहर के लालपुल इलाके में डेढ़ साल की बच्ची से दुष्कर्म की घटना ने लोगों को झकझोर दिया था। कई दिन बच्ची की हालत खराब रही। यह मामला ठंडा नहीं हुआ था कि उघैती थाने के एक गांव में सात साल की बच्ची से दरिंदगी हुई। ताजा मामला उसावां थाने के एक गांव में आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म का है।
बच्चियों से दुष्कर्म की सिलसिलेवार घटनाओं ने सभ्य समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है। बच्चियों से रेप की घटनाओं पर गौर करें तो कभी घटना चॉकलेट दिलाने की बहाने हुई तो कभी बच्ची को गोद में खिलाने का बहाना बना। दुष्कर्म पीड़ित बच्चियों को बेहतर इलाज भी नहीं मिला। डेढ़ साल की बच्ची को तो जिला महिला अस्पताल से जबरन डिस्चार्ज कर दिया गया था। उसके माता-पिता मिन्नतें करते रहे। बाद में हालत बिगड़ी तो अधिकारियों के दबाव में उसे फिर से भर्ती किया गया। बलात्कार का शिकार बच्चियों-किशोरियों को काउंसलिंग और पुनर्वास की भी व्यवस्था नहीं है।
न बीपीएल कार्ड मिला, न मुआवजा
बदायूं। शहर में डेढ़ साल की दलित बच्ची से रेप के बाद राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य सतीश प्रेम बदायूं पहुंचे थे। परिवार वालों से मुलाकात के बाद उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट विजय बहादुर से कहा था कि दलित परिवार को बीपीएल कार्ड बनवाया जाए और सहूलियत के लिए मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जाए। घटना को 17 दिन बीत चुके हैं। इस दलित परिवार को अब तक न तो बीपीएल कार्ड मिला और न मुआवजा। एसडीएम सदर प्रदीप यादव ने बताया कि इस संबंध में कार्रवाई को जल्द आगे बढ़ाया जाएगा।
दुष्कर्म के ज्यादातर मामले पिछड़े इलाकों में
बदायूं। गौर करने वाली बात यह है कि रेप के ज्यादातर मामले जिले के पिछड़े इलाकों में हो रहे हैं। शहर का लालपुल इलाका भी काफी पिछड़ा हुआ है। यहां डेढ़ साल की बच्ची से रेप हुआ था। कटरा सआदतगंज हो या मूसाझाग थाने में रेप का मामला हो। उघैती, उसावां, जरीफनगर, फैजगंज बेहटा इलाके भी पिछड़े हुए हैं। रेप के आरोपी या शिकार पढ़े-लिखे तबके से ताल्लुक नहीं रखते।
अप्रैल में हुईं रेप की घटनाएं
14 अप्रैल 2015- शहर के लालपुल इलाके में डेढ़ साल की बच्ची से रेप।
15 अप्रैल 2015- उघैती थाने के एक गांव में सात साल की बच्ची से रेप।
22 अप्रैल 2015- दातागंज थाने के एक गांव में किशोरी से रेप।
24 अप्रैल 2015- बिल्सी के एक गांव की किशोरी से दिल्ली में गैंगरेप।
27 अप्रैल 2015- उसावां के एक गांव में किशोरी से रेप।
रेप के मामलों में कड़ी कार्रवाई की जा रही है। ऐसी घटनाओं पर अंकुश मिले इसके लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।-सौमित्र यादव, एसएसपी