बिसौली कोतवाली क्षेत्र में डकैती हत्या की वारदातों को अंजाम भैंस चोरों ने दिया था। ऐसा पुलिस का दावा है। चार बदमाशों को गिरफ्तार कर पुलिस ने तीन डकैती, दो हत्याओं की वारदातों का वर्क आउट करने का दावा किया है। पकड़े गए बदमाशों के पास से नगदी और लूट का माल भी बरामद हुआ है। एसपी देहात बालेंदुभूषण सिंह ने बताया कि बदमाश सात थे। तीन की तलाश की जा रही है। गिरफ्तार बदमाशों ने वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। गिरफ्तार बदमाशों का अपराधिक इतिहास है।
बिसौली में हाईवे किनारे 19 जून की रात बदमाशों किराना व्यापारी कुलदीप यादव की हत्या कर लाखों का माल लूट लिया था। 20 जून को बदमाशों ने करलावाला गांव में डाका डाला। यहां गल्ला व्यापारी ततीर खां की हत्या कर लाखों रुपये का माल लूट लिया। इसी रात सेटाखेड़ा गांव में वीरपाल के घर में बदमाशों ने डकैती डाली। वीरपाल को गंभीर घायल कर नौ हजार रुपये लूट लिए। यहां से बदमाश एक साइकिल भी लूट कर ले गए। जाते वक्त बदमाशों ने गांव के बाहर मंदिर पर पुजारी किशोरदास से मोबाइल समेत काफी सामान लूट लिया।
घटना का वर्कआउट करने में एसओजी को लगाया गया था। एसओजी प्रभारी संदीप तोमर, कांस्टेबल सौरभ शुक्ला, सुरेंद्र सिंह, सुधीर कुमार, निरेश कुमार, मनोज कुमार एसओ फैजगंज बेहटा नरेंद्र सिंह यादव के साथ बदमाशों की तलाश में जुटे थे। शनिवार रात पुलिस ने परसा खेड़ा रेलवे क्रासिंग के पास से राजवीर, रामकुमार निवासी मुबाकरपुर, मेघ सिंह, हरीओम निवासी शेखूपुर थाना बिसौली को गिरफ्तार कर लिया। जामा तलाशी में इनके पास लूटा गया माल मिला। इनके तीन साथी दुर्गेश उर्फ नबिया, प्रेमपाल, बलू भाग गए। एपी देहात बालेंदुभूषण सिंह ने बताया कि यह बदमाश भैंस चोर हैं। दोनों की घटनाओं में यह भैंस चोरी करने गए थे। जाग होने पर बदमाशों ने कुलदीप और ततीर की हत्या कर दी।
लूट के मोबाइल ने खोल दीं वारदात
बदायूं। गिरफ्तार बदमाशों ने 19 जून की रात दो मोबाइल भी लूटे थे। इन मोबाइल के सिम निकाल कर बदमाशों ने अपने सिम डाल लिए थे। मोबाइल सर्विलांस पर लगाए गए थे। पुलिस को चकमा देने के लिए बदमाश वारदातों को अंजाम मोबाइल स्विच ऑफ करके देते थे। रात भर मोबाइल स्विच ऑफ रखने के बाद यह सुबह चालू करते थे। सर्विलांस के जरिए एसओजी को इनकी लोकेशन मिली। इसके आधार पर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया।