विद्यालय की रसोइया से किया था शिक्षक ने दुष्कर्म
बिना बिमारी 18 दिन से जिला अस्पताल में है भर्ती
विद्यालय की रसोइया से बलात्कार करने का आरोपी शिक्षक रमेश बाबू जिला अस्पताल के पेइंग वार्ड में आराम फरमा रहा है। जेल और जिला अस्पताल प्रशासन के मेहरबानी से वह मोबाइल का भी इस्तेमाल कर रहा है। अभिरक्षा में लगे सिपाही भी आला दर्जे की लापरवाही कर रहे हैं। बिना किसी बीमारी के वह जिला अस्पताल में 18 दिन से भर्ती है।
कादरचौक थाने के गांव जोरी नगला निवासी शिक्षामित्र से शिक्षक बने रमेश बाबू ने 25 जून को अपनी तैनाती वाले विद्यालय में विद्यालय की महिला रसोइया से बलात्कार किया था। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने 26 जून को उसे जेल भेज दिया। जेल जाने के बाद रमेश बाबू ने अस्पताल और जेल प्रशासन से सांठगांठ कर खुद को जिला अस्पताल में भर्ती करा लिया। बिना किसी बीमारी के वह 18 दिन से जिला अस्पताल के पेइंग वार्ड में आराम फरमा रहा है। बलात्कार का आरोपी मोबाइल का भी इस्तेमाल कर रहा है।
गौर करने की बात यह है कि किसी बंदी या कैदी को ज्यादा दिन तक अस्पताल में नहीं रखा जा सकता। अगर वह ज्यादा बीमार है तो उसे हायर सेंटर रेफर किया जाना चाहिए। अस्पताल प्रशासन ने ऐसा नहीं किया। यहां किसकी मिली भगत है यह भी जांच का विषय है।
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पुराने मामलों से नहीं लिया सबक
बदायूं। जेल और जिला प्रशासन ने हिस्ट्रीशीटर नईम राजा के मामले से भी सबक नहीं लिया। नईम राजा ने बीमारी के बहाने खुद को इसी तरह जेल से अस्पताल में भर्ती करा लिया था। 25 दिन तक वह अस्पताल में भर्ती रहा। दो नवंबर 2013 के लिए उसे अस्पताल से निकल कर खंडसारी मोहल्ले में भाई-बहन की हत्या कर दी। इस मामले में अस्पताल के डॉक्टरों के खिलाफ मजिस्ट्रेटी जांच चल रही है।
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बलात्कार के आरोपी का इलाज कौन डॉक्टर कर रहा है। उसको किस आधार पर इतने दिन तक अस्पताल में रोका गया है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। अगर वह ज्यादा बीमार है तो उसे हायर सेंटर रेफर किया जाएगा।
-डॉ. एके गुप्ता, सीएमएस जिला अस्पताल